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होम्योपैथी केवल एक चिकित्सा पद्धति नहीं, बल्कि मानव सेवा का विज्ञान है : डॉ. ए. के. द्विवेदी
⦁ श्रीमती कमलाबेन रावजीभाई पटेल होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय में 15 दिवसीय इंडक्शन प्रोग्राम का समापन
⦁ समापन समारोह में प्रो. डॉ. द्विवेदी को प्रदान किया गया प्रशस्ति पत्र
इंदौर। श्री गुजराती समाज इंदौर द्वारा संचालित श्रीमती कमलाबेन रावजीभाई पटेल होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय में बीएचएमएस प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए 15 दिवसीय इंडक्शन प्रोग्राम आयोजित किया गया था, जिसका समापन बुधवार को आयोजित समारोह के साथ हुआ।
इस अवसर पर फिजियोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. ए. के. द्विवेदी सहित कई वरिष्ठ शिक्षकों और चिकित्सकों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। समारोह में प्राचार्य डॉ. एस. पी. सिंह, गुजराती प्रोफेशनल कॉलेज की निदेशक डॉ. रवलीन भसीन, गुजराती इनोवेटिव कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सौरभ पारीख एवं अन्य प्रख्यात शिक्षकों को भी प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।
मुख्य अतिथि श्री गुजराती समाज एजुकेशनल बोर्ड के अध्यक्ष श्री अतुलभाई सेठ, ट्रस्ट मंत्री श्री मनोजभाई पारीख एवं बस कन्वीनर श्री जिग्नेशभाई थे। अतिथियों ने भी विद्यार्थियों को मार्गदर्शन दिया।
श्री अतुलभाई सेठ ने श्री गुजराती समाज इंदौर द्वारा संचालित विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों एवं अन्य सामाजिक गतिविधियों के बारे में छात्रों को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समाज के विभिन्न महाविद्यालयों में लगभग 20,000 विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान की जा रही है।
इंडक्शन प्रोग्राम के तहत विद्यार्थियों को मार्गदर्शन देते हुए डॉ. ए. के. द्विवेदी ने कहा कि होम्योपैथी केवल एक चिकित्सा पद्धति नहीं, बल्कि मानव सेवा का विज्ञान है। इसके लिए दृढ़ संकल्प, अनुशासन, संवेदनशीलता और समर्पण का भाव आवश्यक है। डॉ. द्विवेदी ने विद्यार्थियों को सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ चिकित्सा सेवा को अपनाने का संदेश दिया।

इस दौरान डॉ. द्विवेदी द्वारा वर्षों से संचालित एनीमिया जागरूकता रथ अभियान की जानकारी भी छात्रों को प्रेरणा स्वरूप दी। उन्होंने बताया कि इस अभियान के माध्यम से उनकी टीम घर-घर जाकर पोषण जागरूकता, निःशुल्क रक्त परीक्षण और होम्योपैथिक परामर्श प्रदान करती है। इन्हीं उल्लेखनीय कार्यों के लिए इंदौर में प्रवास के दौरान भारत की महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने भी उनसे मिलकर प्रोत्साहित किया था।
साथ ही उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी उन्हें लगातार विशिष्ट पहचान मिल रही है। पिछले माह लंदन स्थित हैनिमेन कॉलेज ऑफ होम्योपैथी में उन्हें अंतरराष्ट्रीय वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया था, जहाँ उन्होंने हेमेटोहाइड्रोसिस और हाइपोप्लास्टिक बोन मैरो डिसऑर्डर पर अपने शोध-आधारित व्याख्यान प्रस्तुत किए, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने अत्यंत सराहनीय माना।
समापन समारोह में उपस्थित अतिथियों ने विद्यार्थियों से कहा कि चिकित्सा शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के प्रति नैतिक और मानवीय दायित्व निभाने का पथ है।


