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विदेश में पढ़ने का सपना लिए 200 यूनिवर्सिटीज से जुड़े 7 हजार से ज्यादा स्टूडेंट्स
तीन देशो के 7 हजार से ज्यादा स्टूडेंट्स ‘ऑनलाइन इंटरनेशनल एजुकेशन फेयर 2020‘ में शामिल
इंदौर. बेहतर शिक्षा पाने का सपना हर किसी का होता है। इसी ख्वाहिश को लिए युवा विदेश में भी पढ़ना चाहते हैं पर कोरोना संक्रमण के चलते विदेश में पढ़ने का सपना देखने वाले स्टूडेंट्स निराश होते नजर आए। ऐसे में स्टेडी मेट्रो द्वारा देश में पहली बार ‘ऑन लाइन इंटरनेशनल एजुकेशन फेयर 2020’ आयोजित किया गया।
17 अप्रैल से 20 अप्रैल तक जारी रहे इस ऑन लाइन इंटरनेशनल एजुकेशन फेयर में भारत, नेपाल और बंगलादेश के 7 हजार से ज्यादा स्टूडेंट्स ने भाग लिया। इस ऑन लाइन एजुकेशन फेयर में देश ही नहीं बलि्क विदेश की यूनिवर्सिटी भी शामिल हुई। इसमें 200 यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने खुद स्टूडेंट्स से चर्चा की और अपनी-अपनी यूनिवर्सिटी में प्रवेश पाने की प्रक्रिया के बारे में बताया।
इस एजुकेशन फेयर में स्टूडेंट्स और तमाम यूनिवर्सिटी को आपस में सीधे संवाद करने का मौका मिला। जिसके जरिए स्टूडेंट्स ने जाना कि किस यूनिवर्सिटी में प्रवेश के लिए कौन सी परीक्षा देना होगी या किन औपचारिकताओं को पूरा करना होगा। कई स्टूडेंट्स कोरोना के खौफ के कारण यह समझ रहे थे कि अब विदेश में पढ़ने का उनका सपना अधुरा ही रह जाएगा।
ऐसे में इन यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने बताया कि कुछ यूनिवर्सिटी ने तो प्रवेश परीक्षा को ही समाप्त कर दिया तो किसी ने कोर्स का प्रारूप बदल दिया है। किसी यूनिवर्सिटी ने स्टूडेंट्स को बेहतर शिक्षण सुविधाएं देने के लिए पढ़ाने के तरीकों में बदलाव किया है ताकि वे बेहतर और सुरिक्षत ढंग से पढ़ सकें।
स्टेडी मेट्रो के मैनेजिंग डायरेक्टर अभिषेक बजाज बताते हैं कि लॉक डाउन के दौर में भी बेहतर विदेशी शिक्षा का जज्बा भारतीय छात्र छात्राओं में बहुत है और ऐसे में जरूरी था कि उन्हें सही दिशा निर्देशन दिया जाए। इसके लिए सवाल-जवाब का सिलसिला भी रखा गया था जिसमें स्टूडेंट्स के सवालों का यूनिवर्सिटी ने सीधे संवाद कर जवाब दिया।
इस एजुकेशन फेयर में यूएसए की द यूनिवर्सिटी ऑफ कैलीफोर्निया रिवरसाइड, द यूनिवर्सिटी ऑफ कोलोराडो डेनवेर, सन जोस स्टेट यूनिवर्सिटी, फुल सैल यूनिवर्सिटी, यूके की द यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ, जैम्स कुक यूनिवर्सिटी सिंगापुर, द यूनिवर्सिटी ऑफ टेनेसी, टेम्पल यूनिवर्सिटी यूएसए, द यूनिवर्सिटी ऑफ इस्ट लंदन, यूनिवर्सिटी ऑफ डेलावेयर, केप बोस्टन यूनिवर्सिटी कनाडा सहित कई यूनिवर्सिटी शामिल हुई। इसके अलावा इस ऑनलाइन इंटरनेशनल एजुकेशन फेयर में जीआरई, जीमेट और सेट जैसे कोर्सेस के लिए चयनित यूनिवर्सिटी ने भाग लिया।
शिक्षण प्रणाली के अलावा स्टूडेंट्स ने वीजा सक्सेस वर्कशॉप, फ्री एजुकेशन असिस्टेंस, विदेश में रहकर पढ़ाई के साथ काम किस तरह किया जा सके उस अवसर के बारे में भी जानकारियां प्राप्त की। विश्व की टॉप यूनिवर्सिटी में स्पॉट एडमिशन किस तरह पाया जा सकता है यह भी इस एजुकेशन फेयर में बताया गया।


