व्यापारियों के सुझाव को अमल में लाया जायेगा: वाणिज्यिकर मंत्री राठौर

इंदौर. आबकारी, वाणिज्यिकर और पंजीयन विभाग के मंत्री श्री बृजेन्द्र सिंह राठौर ने आज रेसीडेंसी सभाकक्ष में इंदौर संभाग के व्यापारी संगठनों के प्रतिनिधियों से चर्चा की। इस अवसर पर उन्होने कहा कि अगले सप्ताह भोपाल में मुख्यमंत्री, वित्त मंत्री और उनकी मौजूदगी में व्यापारी संगठनों के प्रतिनिधियों से चर्चा की जायेगी।

व्यापारियों के उन सुझावों को राज्य शासन द्वारा शीघ्र अमल में लाया जायेगा, जिससे राज्य शासन के कर राजस्व में कोई हानि नहीं हो रही हो। इस बैठक में जन प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जायेगा। राज्य शासन की मंशा है कि व्यापारियों की समस्याओं को शीघ्रातिशीघ्र समाधान किया जाये। उन्होने कहा कि व्यापारी हमारा सहयोग करें, हम उनका सहयोग करेगें।

उन्होने कहा कि इंदौर संभाग उद्योग और व्यापार का प्रमुख केन्द्र रहा है। इस क्षेत्र से राज्य शासन को सर्वाधिक कर प्राप्त होता है।

बैठक में व्यापारियों संगठनों के प्रतिनिधियों ने मंत्री श्री राठौर को अनेक सुझाव दिये। उन्होने कहा कि GSTR 9 Annual return फॉर्म बहुत जटिल है और इसे भरने के कई प्रकार की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यहाँ तक कि Chartered Accountants, Company Secretary, Cost Accountants, Tax Practitioner को भी इस फार्म भरने में कठिनाई आ रही है।

उन्होने राज्य शासन से अनुरोध किया है कि इस फॉर्म का सरलीकरण किया जाये, जिससे की भरने मे कोई कठिनाई न हो। इस फॉर्म को भरने में ही कम से कम एक से डेढ़ दिन लगता है। Annual रिटर्न भरने की तारीख 30 जून, 2019 से बढ़ाया जाये। GST कमिश्नर सेंट्रल एक्साइज द्वारा भी GSTR 9 Annual रिटर्न पर परिचर्चा इंदौर में बुलाई गई थी, उससे भी काफी कई प्रश्न अनुत्तरित थे। उन्होने अनुरोध किया कि यह सुझाव GST कांसिल तक पहुंचाया जाये एवं GSTR 9 रिटर्न्स की तारीख आगे बढाई जाये।

      उन्होने बताया कि इंदौर जैसे बड़े शहरों के अलावा कई छोटे शहर है और वहां पर GST से संबंधित, व्यापारी को बहुत ही तकलीफ का सामना करना पड़ रहा है, वहां पर GST  से संबंधित जानकारी रखनेवाले बहुत ही कम हैं। अच्छे वकील एवं CA  नहीं है और Accountants की भी कमी है। अत: इस बात को भी ध्यान में रखा जाए।

      उन्होने माँग की है कि GSTR-2में सर्वर पर अभी कई प्रविष्टि दिखाई नहीं दे रही है, जिसका ITC क्लेम लेना है, इससे लोगों का पैसा भी बहुत ब्लॉक हो रहा है और व्यापारी को व्यापार करने में भी बहुत परेशानी का सामना करना पड़ रहा है क्योकिं यह पैसा उनका रुक गया है और रिफंड की प्रोसेस भी काफी लंबी है।  इस अवसर पर व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारी श्री अजीत सिंह नारंग, श्री सुधीर मिश्रा आदि मौजूद थे।

वाणिज्यिकर अधिकारीगण कर राजस्व में वृद्धि करें – मंत्री श्री राठौर

इंदौर.आबकारी, वाणिज्यिकर और पंजीयन विभग के मंत्री श्री बृजेन्द्र सिंह राठौर ने आज रेसीडेंसी सभाकक्ष में वाणिज्यिकर संचालनालय अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि वाणिज्यिकर अधिकारीगण ऐसे उपाय करें कि कर राजस्व में अधिकाधिक वृद्धि हो। राज्य शासन कर से होने वाली आय पर पूरी तरह निर्भर हैं। इसलिये हम सब को मिलकर ऐसे कदम उठाना हैं कि कर राजस्व में अधिकाधिक वृद्धि हो। उन्होने बताया कि इस वर्ष वाणिज्यिकर में 24.76 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस वर्ष कुल 33 हजार 476 करोड़ रूपये वाणिज्यिकर प्राप्त हुआ है, जो कि एक रिकार्ड है। उन्होने संबंधित अधिकारियों को बधाई और धन्यवाद दिया।

      उन्होने कहा कि राज्य शासन व्यापारियों के सुझाव को अमल में आयेगा। व्यापारियों की समस्याओं को केन्द्रीय GST काउंसिल में भी उठाया जायेगा। व्यापारी संगठनों से तर्क सुझावों को अमल में लाने का प्रयास किया जायेगा। आजकल डिजीटलाइजेशन का जमाना है। व्यापारियों द्वारा GST  नियमों के तहत ऑनलाइन टैक्स रिटर्न भरे जा रहे हैं, जिससे कर राजस्व भी बढ़ा है। उन्होने कहा कि राज्य शासन ऐसे व्यापारियों का सम्मान करेगा, जो सर्वाधिक टैक्स देते हैं।

      उन्होने वाणिज्यिकर अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे न्यायलयीन प्रकरणों में शासन का पक्ष दमदारी से प्रस्तुत करें। तथा न्यायालयीन प्रकरणों का शीघ्रातिशीघ्र निराकरण करायें। शासन का पक्ष प्रभावकारी ढंग से प्रस्तुत करने के लिए योग्य व अनुभवी अभिवक्ताओं से सहयोग लिया जाये। बैठक में अपर आयुक्त वाणिज्यिकर श्री अविनाश लवानिया, अपर आयुक्त श्री रवीन्द्र चौधरी, संचालक श्री एन.एस. मरावी आदि अधिकारी मौजूद थे।  

3 साल से अधिक समय से पदस्थ आबकारी अधिकारियों का तबादला किया जायेगा

इंदौर. आबकारी, पंजीयन और वाणिज्यिकर मंत्री श्री बृजेन्द्र सिंह राठौर ने आज इंदौर संभाग के आबकारी अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे राज्य शासन को ऐसे प्रस्ताव भेजें, जिससे आबकारी आय में वृद्धि हो।

बैठक में अधिकारियों ने सुझाव दिया कि मदिरा की दुकान के पास सुविधा संपन्न आहाता होना जरूरी है। उससे मदिरा में ब्रिकी ज्यादा होती है। इंदौर संभाग में आबकारी  विभाग को बीयर से सर्वाधिक आय होती है। देशी मदिरा में बजाय विदेशी मदिरा से आबकारी विभाग को ज्यादा आय होती है।

      मंत्री श्री राठौर ने कहा कि हमारे अधिकारी और कर्मचारी इंदौर पदस्थापना में विशेष रूचि रखते हैं। वे किसी न किसी बहाने इंदौर या भोपाल में पदस्थापना चाहते हैं। पूरे प्रदेश में 3 साल से अधिक एक जिले में रहने वाले अधिकारियों का स्थानांतरण किया जायेगा।

      इस अवसर पर बैठक में उपायुक्त आबकारी श्री संजय तिवारी, ओएसडी मंत्री आबकारी श्री एस.एस. सिकरवार और इंदौर संभाग के सभी जिलों के सहायक आयुक्त, जिला आबकारी अधिकारी और सहायक आबकारी अधिकारी मौजूद थे।

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