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सर्वे कार्य को पूर्ण गंभीरता से करना होगा: सांसद लालवानी
कोरोना को जड़ से समाप्त करने के लिए किल कोरोना अभियान के अंतर्गत अंतिम चरण का प्रशिक्षण संपन्न
इंदौर. कोविड-19 के व्यापक सर्वे हेतु मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देशानुसार संपूर्ण जिले में किल कोरोना अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान का प्राथमिक उद्देश्य कोरोना के संदिग्ध व्यक्तियों को पहचानना, उनका इलाज करना तथा संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ना है।
अभियान के तहत डेंगू एवं मलेरिया के संदिग्ध मरीजों को भी पहचाना जाएगा जिससे उनका समय रहते इलाज किया जा सके। इस उपलक्ष्य में आज रविंद्र नाट्य ग्रह में किल कोरोनावायरस की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया तथा अभियान से संबंधित समस्त टीमों को अंतिम चरण का प्रशिक्षण दिया गया।
इस अवसर पर सांसद श्री शंकर लालवानी, कलेक्टर श्री मनीष सिंह, डीआईजी श्री हरिनारायणचारी मिश्र, नगर निगम कमिश्नर सुश्री प्रतिभा पाल, जिला पंचायत सीईओ श्री रोहन सक्सेना, समस्त एडीएम, समस्त एसडीएम, समस्त चिकित्सकीय एवं सर्वेक्षण दल उपस्थित थे।
सांसद श्री लालवानी ने सर्वप्रथम डॉक्टर्स डे के उपलक्ष्य में सभी को शुभकामनाएं दी तथा पिछले तीन महीनों से उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों हेतु बधाई दी। उन्होंने बताया कि सर्वे कार्य को पूर्ण गंभीरता से किया जाना चाहिए। कई परिस्थितियों में सर्वेक्षण कर रहे व्यक्तियों को शहरवासियों से अपेक्षित सहयोग नहीं मिलता परंतु सर्वेक्षण टीम को हौसला एवं उत्साह बनाए रखते हुए अपना कार्य पूर्ण गंभीरता से करना होगा।

कलेक्टर श्री मनीष सिंह ने जानकारी दी कि किल कोरोना अभियान का उद्देश्य कोविड-19 एवं डेंगू तथा मलेरिया के संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान कर उनका उपचार करना है। उन्होंने बताया कि फील्ड पर जाने वाली सर्वे टीम को यह ध्यान रखना होगा की ऐसे व्यक्ति जिनमें बुखार के लक्षण नहीं हैं परंतु ज्यादा सर्दी, खांसी है, उन्हें भी आई एल आई के तहत दर्ज करना होगा। ऐसा ना करने की स्थिति में कोरोना संदिग्ध के छूटने की संभावना रहेगी। जबकि इस संपूर्ण अभियान का उद्देश्य है कि, एक भी कोरोना संदिग्ध ना छूट पाए।
नगर निगम कमिश्नर सुश्री प्रतिभा पॉल ने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों हेतु अलग-अलग टीमें बनाई गई है। उन्होंने बताया कि सर्वेक्षण के दौरान कोविड-19 संदिग्ध व्यक्तियों की सार्थक एप में कंफर्म सस्पेक्ट के रूप में एंट्री की जाएगी। तत्पश्चात एम.एम.यू. टीम द्वारा सैंपल लिया जाएगा जिसके बाद रैपिड रिस्पांस टीम के द्वारा संबंधित को अस्पताल पहुंचाया जाएगा।
सर्वेक्षण के दौरान मलेरिया संक्रमित व्यक्तियों का मौके पर ही टेस्ट कर रैपिड डायग्नोस्टिक किट के द्वारा आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श एवं दवाई उपलब्ध कराई जाएगी। यदि किसी व्यक्ति में डेंगू से संबंधित लक्षण परिलक्षित होते हैं तो उसे रैपिड रिस्पांस टीम के द्वारा फीवर क्लीनिक पहुंचाया जाएगा जहां उसका सैंपल लेकर मेडिकल कॉलेज भेजा जाएगा तथा आवश्यक आगामी कार्यवाही की जाएगी।
सभी एडीएम और एसडीएम फील्ड पर रहकर सुनिश्चित करें अभियान का सफल क्रियान्वयन: कलेक्टर
कलेक्टर श्री मनीष सिंह ने सभी एडीएम तथा एसडीएम से उनके क्षेत्रानुसार फील्ड पर रहने तथा किल कोरोना अभियान के सफल क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि सर्वेक्षण की संपूर्ण प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का गैप नहीं होना चाहिए। इस अभियान के सफल क्रियान्वयन हेतु आवश्यक सभी व्यवस्थाएं जिला प्रशासन द्वारा की गई है।
सर्वेक्षण कार्य की प्रतिदिन रिव्यू एवं मॉनिटरिंग भी की जाएगी। सार्थक एप एवं इंदौर कोविड एप के माध्यम से समस्त एडीएम, एसडीएम सर्वे कार्य की प्रगति तथा कोविड-19 एवं डेंगू, मलेरिया के संक्रमित आंकड़ों पर भी नजर रख सकेंगे।
डीआईजी श्री हरिनारायण चारी मिश्र ने कहा कि पिछले 2 महीनों से युद्ध स्तर पर कार्यवाही करते हुए इंदौर आज की स्थिति में पहुंचा है। किल कोरोना अभियान के अंतर्गत होने वाले इस सर्वे का सफल क्रियान्वयन आगे आने वाले समय की दिशा तय करेगा।
जनप्रतिनिधि बढ़ाएंगे शहरवासियों का हौसला
कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि 1 से 15 जुलाई तक चलने वाले अभियान के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में विधायक, पार्षद, नगर पालिका अध्यक्ष, जनपद अध्यक्ष आदि फील्ड पर जाएंगे जिससे जनता में अभियान को लेकर एक सकारात्मक दृष्टिकोण बनेगा साथ ही वे अभियान में जागरूक नागरिक के रूप में सहभागी भी बनेंगे।


