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रामस्नेही संप्रदाय का अब तक का सबसे भव्य आयोजन जयपुर में होगा
छत्रीबाग रामद्वारा पर जगदगुरू स्वामी रामदयाल महाराज का आव्हान
इंदौर। अंतर्राष्ट्रीय रामस्नेही संप्रदाय के मूलाचार्य स्वामी रामचरण महाराज के त्रिशताब्दी जन्म महोत्सव समारोह में देश के लगभग सभी राज्यों के संत, विद्वान, आचार्य, महामंडलेश्वर एवं पीठाधीश्वर सहित अनेक राजनेता भी शामिल होंगे।
महोत्सव के लिए जयपुर के पास 100 एकड़ मैदान में रामस्नेही नगर बसाया जाएगा। इंदौर एवं मालवा से इस महोत्सव में अधिक से अधिक श्रद्धालु भाग लेंगे। महोत्सव के लिए गठित केंद्रीय समिति में इंदौर के देवेंद्र मुछाल भी शामिल किए गए हैं।
संप्रदाय के आचार्य, जगदगुरू स्वामी रामदयाल महाराज ने आज छत्रीबाग रामद्वारा पर चल रहे भक्ति सत्संग के समापन प्रसंग पर महोत्सव की उपरोक्त जानकारी देते हुए बताया कि देशभर में स्वामी रामचरण महाराज के त्रिशताब्दी जन्म महोत्सव का आगाज हो चुका है। देश के सभी रामद्वारों में संतों द्वारा तैयारियां की जा रही है।
महोत्सव के शुभारंभ समारोह में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, अनेक राज्यों के मुख्यमंत्री एवं राज्यपालों के अलावा चारों पीठों के शंकराचार्य, प्रख्यात संत मुरारी बापू, रमेशभाई ओझा, स्वामी अवधेशानंद, स्वामी सत्यमित्रानंद, मलूक पीठाधीश्वर स्वामी राजेंद्र देवाचार्य, कबीरपीठ, रामानंदाचार्य पीठ, निंबार्काचार्य, वल्लभपीठ आदि के पीठाधीश्वर सहित एक हजार से अधिक संतों का सान्निध्य मिल सकेगा।
रामस्नेही संप्रदाय का यह आयोजन मिनी कुंभ के रूप में मनाया जाएगा। यह महोत्सव एक माह तक चलेगा। मुख्य आयोजन 4 से 8 फरवरी 2020 तक होगा, इसके लिए अभी से समितियां गठित कर धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों का मार्गदर्शन किया जा रहा है। जयपुर के निकट सोडा एवं मालपुरा डिग्गी गांव में सभी परिवारों से एक-एक कमरा मेहमानों एवं संतों के लिए लेने की योजना भी है।
उत्सव के दौरान जयपुर एवं टोंक से निःशुल्क परिवहन व्यवस्था भी की जा रही है। इंदौर एवं मालवांचल से इस महोत्सव में सबसे ज्यादा श्रद्धालुओं के भाग लेने का विश्वास है। आज धर्मसभा में जगदगुरू स्वामी रामदयाल महाराज ने नवधा भक्ति की व्याख्या के बाद त्रिशताब्दी महोत्सव पर जोर देते हुए सभी भक्तों का आव्हान किया कि वे इस महोत्सव में स्वयं भी आएं और अपने साथियों तथा परिजनों को भी लेकर आएं। रामस्नेही संप्रदाय का यह अब तक का सबसे भव्य और दिव्य आयोजन होगा।
धर्मसभा में गोराकुंड रामद्वारा के संत अमृतराम रामस्नेही, छावनी रामद्वारा के संत रामस्वरूप रामस्नेही एवं देवास के संत रामनारायण रामस्नेही भी उपस्थित थे। महाराजश्री को छत्रीबाग रामद्वारा न्यासी मंडल की ओर से देवेंद्र मुछाल, रामसहाय विजयवर्गीय एवं रामनिवास मोढ ने जयघोष के बीच मंदसौर जिले के अफजलगढ़ सूर्यनगरी के लिए विदाई दी। रामद्वारा में उपस्थित हजारों भक्तों ने भी उनके शुभाशीष प्राप्त कर पुनः छत्रीबाग रामद्वारा पधारने का आग्रह किया। अंत मंे रामनिवास मोढ ने आभार माना।


