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आज का कार्य, आज ही करने की आदत विकसित करनी चाहिए : आदर्श मति माताजी
इंदौर:- फूल, हवा को अपनी सुगंध से सराबोर कर देते हैं और सुगंध प्रत्येक व्यक्ति को प्रिय लगती है। इसी तरह संयम के उपकरण, पिच्छिका लेने व देने वालों के लिए द्वारा, अपनाया गया संयम और आत्मबल अन्य सभी श्रावकों के लिए प्रेरणा स्रोत बनता है। हम आध्यात्मिक और सेवा भावी कार्यों को आज की अपेक्षा कल करने की, आदत अपना लेते हैं इसी प्रवृत्ति के कारण धर्म और संयम के पथ पर जाने की शुरुआत करने में बहुत समय लगता है जबकि हमें इस पथ पर आज और अभी से चलना शुरू कर देना चाहिए। नेतृत्वकर्ता एवं प्रभावशाली व्यक्तित्व के लिए यह एक आवश्यक गुण माना गया है।
आज यह बात आर्यिका आदर्श मति माताजी ने समवसरण दिगंबर जैन मंदिर पर, आर्यिका दुर्लभ मति माताजी ससंघ के पिच्छिका परिवर्तन समारोह के अवसर पर हजारों लोगों को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि आप मंदिर में नारियल चढ़ाते हैं नारियल का शब्द विच्छेद करने पर ना+रियल होता है अर्थात नारियल के बाहर कुछ भी रियल नहीं है उसके अंदर का पदार्थ उपयोगी है इसी प्रकार दौलत, परिवार, भोग, कुटुम्ब, रिश्तेदार यह सब वास्तविक नहीं है। वास्तविकता तो हमारे अंदर का परमात्मा है जिसके गुणों के चिंतन एवं सिंचन से नई सृष्टि का निर्माण होता है।

समाज के अमित जैन, गौरव जैन, महेश कोटिया, सुनील जैन व संजीव जैन “संजीवनी” ने बताया कि इस अवसर पर समाज के समवसरण ग्रुप, महिला मंडल एवं क्रिएटिव ग्रुप उज्जैन द्वारा सकारात्मक व प्रेरणादायक प्रस्तुतियां दी गई जो इतनी प्रभाव शाली व मार्मिक थी कि उपस्थित समाज जन लगातार तालियां बजाते रहे।
आर्यिका माताजी की पुरानी पिच्छीका लेने का सौभाग्य निम्न लोगों को मिला।
1 दुर्लभमति माताजी:-सिंपल-अंकिता जैन । 2 अक्षयमति माताजी :- देवेंद्र- प्रियंका जैन।3 अधिगममति माताजी :- अमित-सारिका जैन।4 गंतव्यमति माताजी:- कमल- विनोद जी जैन कासलीवाल।5 पृथ्वीमति माताजी:- महावीर- अनिता जैन काला।6 निर्मदमति माताजी:- संदीप-रिया जैन।
इस अवसर पर दिगंबर जैन समाजिक संसद के प्रदीप कासलीवाल, सुशील पंड्या, विमल बाकलीवाल, मनोज बाकलीवाल, सचिन जैन, संजय मेक्स, सुधीर बिलाला, अशोक डोशी, सुरेंद्र जैन, अजित जैन, संजय जैन, विकास जैन एवं इंदौर के सभी मंदिरों के पदाधिकारी एवम गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।कार्यक्रम का संचालन महेश कोटिया व नितिन भैया जी खुरई ने किया।


