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FLO इंदौर में SUTA बहनों की प्रेरणादायक कहानी ने सबका दिल जीता
“फ्लो विद पर्पस ” की थीम को साकार करते हुए, फ्लो इंदौर ने अपने टेक्सटाइल स्किलिंग एवं उद्यमिता पहल के अंतर्गत, एक अविस्मरणीय आयोजन किया – द SUTA इवेंट।
इस विशेष सत्र में 250 से अधिक उत्साही सदस्य एक साथ आए और प्रसिद्ध हैंडलूम ब्रांड SUTA की संस्थापक बहनों, सुजाता बिस्वास एवं तानिया बिस्वास की सच्ची, दिल को छू लेने वाली यात्रा सुनी। जो सफर एक साधारण कमरे से शुरू हुआ, आज वह भारत भर के हजारों बुनकरों और कारीगरों के लिए रोजगार का प्रतीक बन चुका है।
बहनों ने कोई बनावटी भाषण नहीं दिया, बस अपनी जिंदगी की सच्चाइयाँ इतने उत्साह और ईमानदारी से साझा कीं कि हर श्रोता के चेहरे पर मुस्कान और मन में नया आत्मविश्वास उभर आया।
उनके बचपन की कहानी बेहद साधारण थी – पिता भारतीय रेलवे में सब-इंस्पेक्टर थे, गाँव की छुट्टियों में बुनकरों के साथ बैठकर उनके हाथों की जादुई कला देखना और उनके साथ सादा भोजन करना। माँ ने बस दो मीटर कपड़ा थमाकर कहा था – “अब जैसा चाहो डिजाइन करो।” यही माँ का प्यार और प्रेरणा आज भी SUTA की हर साड़ी में झलकती है। ब्रांड का नाम भी दोनों बहनों के नामों का मेल है – सु + ता, यानी सुता.
कॉर्पोरेट की सफल नौकरियों के बाद 20 के दशक के अंत में उन्होंने आराम छोड़कर उद्देश्यपूर्ण जीवन चुना। COVID के कठिन समय में ब्रांड ने असली उड़ान भरी – महज एक गैरेज और दो बुनकरों से शुरूआत करके आज हजारों परिवारों की जिंदगी संवार रही है। अब युवा लड़कियाँ SUTA की साड़ियाँ गर्व से कॉलेज, ऑफिस और मिलन-जुलन में पहनती हैं|
हल्के-फुल्के माहौल में चली इस बातचीत में सुजाता और तनिया ने कई जीवन-मूल्यवान बातें साझा कीं। शुरुआत में गलतियाँ हुईं, लेकिन उन्होंने मार्केटिंग पर एक भी पैसा नहीं खर्च किया – पूरा ध्यान फैब्रिक की गुणवत्ता पर रहा। बहनों के आपसी झगड़ों पर वे हँस पड़ीं और बताया कि माँ ने सिखाया था – जोर से लड़ लो, लेकिन अगले दिन तक मत रखो, बस छोड़ दो। बच्चों की परवरिश में माता-पिता का पूरा साथ मिला, वही संस्कार अब अगली पीढ़ी को मिल रहे हैं। हर साल वे उन गाँवों में जाते हैं जहाँ से साड़ियाँ आती हैं और बुनकरों को बताते हैं कि उनकी मेहनत दुनिया भर में कितना प्यार पा रही है।

आगे की राह और भी रोमांचक है। हाल ही में गुरुग्राम में SUTA का 19वाँ स्टोर खुला। अब पुरुषों के वियर में प्रवेश, अधिक रिटेल विस्तार और मॉरीशस में पहला अंतरराष्ट्रीय कदम। उनका सपना साफ है – एक ऐसी लिगेसी ब्रांड बनना जो दो बहनों के समर्पण, मेहनत और दिल से किए गए अच्छे काम के लिए हमेशा याद रहे।
फ्लो इंदौर की चेयरपर्सन, सीए श्वेता अग्रवाल ने कहा, “हम ऐसी सार्थक इवेंट्स के जरिए महिला उद्यमियों को प्रेरित करना चाहते हैं। यह साबित करती है कि जब उद्देश्य, कड़ी मेहनत और सच्चाई साथ हो, तो छोटी-सी शुरुआत भी असाधारण बन जाती है और कई जिंदगियों को रोशन कर देती है।”


