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विषय चयन में देखादेखी करने की प्रवृत्ति बहुत घातक
विद्यार्थियों के लिए मंथन-2019 का आयोजन
इंदौर. दसवीं और बारहवीं के बाद विषय चयन करना न केवल छात्रों बल्कि पूरे परिवार के लिए बहुत बड़ी समस्या बन जाता है. अक्सर बच्चे अपने मित्रों की देखादेखी वहीं विषय चुनना चाहते हैं जो उनके अन्य मित्र चुनते हैं. यह भेड़ चाल की प्रवृत्ति आगे चल कर बहुत घातक सिद्ध होती है. हमारी जल्दबाजी या छोटी सी त्रुटि जीवन भर अखरती है.
इसी तरह कोचिंग क्लासेस का चयन करने में भी पूरी सावधानी बरतना चाहिए. आजकल कोचिंग के नाम पर छात्रों को भरमाने या गुमराह करने की ज्यादा कोशिशे होती हैं. भवन या बसों की चकाचौंध में फंसे बिना कोचिंग क्लासेस के चयन में भी पूरी सजगता रखना चाहिए.
ये कुछ बिंदु हैं, जो राधाकृष्ण फाउंडेशन मल्हारगंज के तत्वावधान में प्राईम सिटी सुखल्या स्थित मदन महल गार्डन पर आयोजित मंथन-2019 कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञ संदीप अत्रे एवं अन्य वक्ताओं ने नि:शुल्क करियर काउंसिलिंग के दौरान 15 से 23 वर्ष आयु समूह के छात्र-छात्राओं का मार्गदर्शन करते हुए व्यक्त किए.
डिजाईन आईफा के डायरेक्टर राजेंद्र भाटिया एवं संदीप अत्रे ने अपने प्रभावी उद्बोधन में छात्रों को बताया कि आने वाले समय में उन्हे किस तरह अपने विषय, कोचिंग एवं अन्य मामलों में सावधानी बरतना चाहिए. इस मौके पर लोगो स्पर्धा का आयोजन भी किया गया जिसमें प्रथम, द्वितीय, एवं तृतीय विजेताओं को पुरस्कृत किया गया तथा अन्य सभी प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र भैंट कर सम्मानित किया गया.
प्रारंभ में राधा कृष्ण फाउंडेशन के रवि अग्रवाल, कला राजेन्द्र अग्रवाल एवं डायरेक्टर शीतल रवि अग्रवाल ने मंथन के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला और बताया कि करियर काउंसिलिंग के नाम पर छात्र छात्राओं के साथ किस तरह शोषण होता है. कार्यक्रम संयोजक सिमरन अग्रवाल,रितिका गोयल एवं हर्ष गोयल ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। जिज्ञासाओं का समाधान किया.
आयोजन स्थल पर बच्चों की रूचि एवं कक्षाओं के अनुरूप अलग अलग ब्लाक बनाए गए थे। प्रश्नोत्तर कार्यक्रम भी काफी प्रभावी रहा जिसमें छात्रों ने खुल कर सवाल पूछे और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान हांसिल किया। कार्यक्रम का संचालन शिल्पा ग्रोवर ने किया और आभार माना आयुष विजयवर्गीय ने।


