- When Childhood Dreams Meet the Global Stage: Manushi Chhillar’s Commonwealth Games Story
- In the summer of '99, two teams carried the hopes of a nation: sourav ganguly and anil kumble salute the golden arrows
- Home is where every unfinished story finds its ending , Main Vaapas Aaunga arrives on Netflix on August 7
- 05 reasons Tumbadchi Manjula should be on your weekend watchlist
- वाईआरएफ की पहली हॉरर फिल्म के लीड बने वरुण धवन
आज नवीनता पर आधारित प्रौद्योगिकीय और डिजिटल क्रांति के केंद्र में मानवता है’: लोक सभा अध्यक्ष
कैंप. लोक सभा अध्यक्ष, श्रीमती सुमित्रा महाजन की अध्यक्षता में एक भारतीय संसदीय शिष्टमंडल इस समय जिनेवा में अंतर संसदीय संघ की 139वीं सभा में भाग ले रहा है ।
“आज नवीनता और प्रौद्योगिकीय परिवर्तन के इस युग में शांति और विकास को बढ़ावा देने में संसदीय नेतृत्व” विषय पर आम सभा को संबोधित करते हुए श्रीमती महाजन ने कहा कि आज नवीनता पर आधारित प्रौद्योगिकीय और डिजिटल क्रांति के केंद्र में सम्पूर्ण मानवता है और यह पृथ्वी पर जीवन के प्रत्येक पहलू को प्रभावित कर रही है ।
श्रीमती महाजन ने कहा कि नवीनता और प्रौद्योगिकी हमें सूचना सुलभ करवाती है, जीवन शैली, कनेक्टिविटी, संपर्क, सोशल नेटवर्किंग और मनोरंजन के बेहतर माध्यम उपलब्ध करवाती है। परंतु इसके कारण रोजगार खत्म हो जाते हैं, अकेलापन बढ़ता है, ये व्यसन और मनोवैज्ञानिक विकारों का कारक बन जाती है ।
इसके अलावा, डिजिटल विभाजन से वैश्विक शांति को भी खतरा उत्पन्न हो सकता है । उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी के वित्तपोषण के लिए वैश्विक भागीदारी; महिलाओं की सहायता के लिए बनाए गए उपकरण; गरीबों के लिए शोध, कृत्रिम बुद्धि का प्रभाव और नौकरियों की कमी कुछ ऐसी चुनौतियाँ हैं, जिन पर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को चर्चा करने और उनका समाधान करने की आवश्यकता है ।
श्रीमती सुमित्रा महाजन ने कहा कि सतत विकास और गरीबों का शांतिपूर्वक कल्याण सदैव विकास के केंद्र में रखना होगा । स्वदेशी तरीकों को उपयोग में लाकर किए गए नए प्रयोग किफायती और टिकाऊ होते हैं। उन्होंने कहा कि मध्याह्न भोजन जैसे सामाजिक कल्याण के कार्यक्रम हमारे बच्चों के जीवन में बड़े बदलाव लाए हैं। उन्होंने आगे कहा कि भारत को योग और ध्यान जैसे महान आध्यात्मिक पद्यतियों का उद्गम स्थल होने का गौरव प्राप्त है |
श्रीमती महाजन ने अध्यक्षीय शोध कदम का उल्लेख किया जिसे भारतीय संसद में सूचना के प्रसार और जटिल, तकनीकी विषयों की बेहतर समझ के लिए सदस्यों को विषय विशेषज्ञों से विचार – विमर्श करने के लिए एक मंच प्रदान करने के साथ – साथ वाद-विवाद की गुणवत्ता में सुधार करने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है।
उन्होंने आगे कहा कि संसद, ई संसद बनने और कार्बन फुट प्रिंट घटाने के अपने प्रयासों में प्रौद्योगिकी का भरपूर प्रयोग कर रही है। डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया, स्टार्ट अप इंडिया जैसे महत्वाकांक्षी कार्यक्रम हमारे नौजवानों की ऊर्जा को सही दिशा देने के लिए प्रारंभ किए गए हैं।
राज्य सभा के माननीय उप सभापति श्री हरिवंश ने विशेषकर आर्थिक समानता, सतत अवसरंचना, प्रौद्योगिकीकरण और नवीनता के संबंध में सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में निष्पक्ष और मुक्त व्यापार तथा निवेश की भूमिका से संबंधित चर्चा में भाग लिया । भारतीय संसदीय शिष्टमंडल के सदस्यों श्री नागेंद्र सिंह, श्री अनिल देसाई, श्री हरीश चन्द्र मीना, डॉ. हरिबाबू कंभमपति, श्रीमती प्रत्यूषा राजेश्वरी सिंह और डॉ. हिना गावीत ने अंतर संसदीय संघ के विभिन्न कार्यक्रमों में भी भाग लिया ।


