- Toxics Link Welcomes CDSCO’s Nationwide Action Against Toxic Skin-Lightening Products
- bajaj Electricals comes on board as co-Powered by sponsor for Bigg Boss Hindi Season 20
- Rupali Suri, Manushi Chhillar and Malaika Arora Rule the Fashion Game: 3 Style Icons Who Continue to Turn Heads
- From Hathoda Tyagi to Jana: 7 Roles That Show Abhishek Banerjee’s Range
- Rohit Saraf on Undergoing 15-Months of Physical Transformation for The Revolutionaries: I was active, I was fit, but I was definitely not Brad Pitt from Fight Club
इंदौर में कोरोना से दौ और मौत, संक्रमितों का आंकड़ा पहुंचा 586
इंदौर. शहर में कोरोना संक्रमण जारी है. बुधवार को 44 संक्रमित और मिले जिससे कुल पॉजीटिव मरीजों का आंकड़ा 586 हो गया. वहीं 2 लोगों की मौत भी हो गई है. इसके साथ ही मौत का आंकड़ा 39 हो गया है.
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ प्रवीण जडिय़ा ने बताया कि शहर में पॉजीटिव मरीजों की संख्या 586 हो गई है. दो लोगों की मौत भी हुई है और कुल मौत का आंकड़ा 39 हो गया है. डॉ. जडिय़ा ने इसके अलावा अभी तब हम 37 लोगों को डिस्चार्ज कर चुके हैं. 392 लोगों की हालत स्थिर बनी हुई है और तीन गंभीर है. 115 लोग क्वारंटाइन में है.
वहीं, अब तक भी इएसआई में 300 और चोईथाम में 300 बेड का हॉस्पिटल तैयार है. इसके बाद हमारी कुल क्षमता 800 बेड की हो गई है. प्रशासन पूरी तरह तैयार है. किसी भी तरह से पैनिक होने की जरूरत नहीं है.
क्वारंटाइन सेंटर की दीवार फांदकर 8 कोरोना संदिग्ध भागे, तीन को पुलिस ने पकड़ा
इंदौर. राजेंद्रनगर थाना क्षेत्र में किंग्स पार्क मैरिज गार्डन को क्वारैंटाइन सेंटर बनाया गया है. वहां से बुधवार दोपहर को 8 संदिग्ध युवक भाग निकले. जानकारी मिलते ही पुलिस हरकत में आई और 3 युवकों को तो रात में ही किशनपुरा पुल से पकड़ लिया, जबकि बाकी 5 की तलाश की जा रही है. पकड़े गए तीनों संदिग्धों को अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट किया गया है। क्वारैंटाइन सेंटर से भागे 8 में से पांच युवकों के रिश्तेदार कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। यह सभी रानीपुरा इलाके के बताए जा रहे हैं, जो कोरोना के हॉटस्पॉट के तौर पर सामने आया है। इसी वजह से इनके सैंपल भी जांच के लिए भेजे गए हैं, जिसकी रिपोर्ट अभी नहीं आई है.
केवल दो परिस्थितियों में ही बाहर जाने की अनुमति दी जाएगी
कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री मनीष सिंह ने बताया है कि इन्दौर ज़िले से केवल दो परिस्थितियों में ही बाहर जाने की अनुमति दी जाएगी।
1- इंदौर के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती ऐसे मरीज़ जिनकी अस्पताल से छुट्टी की जा रही है उन्हें जाँच उपरांत ज़िले से बाहर जाने की अनुमति दी जाएगी।
2- किसी की मृत्यु की दशा में जिसमें अस्थि विसर्जन भी शामिल है, मृतक के
निकटतम परिजन को ही बाहर जाने की अनुमति दी जाएगी।
Ø कलेक्टर श्री मनीष सिंह ने स्पष्ट किया है कि यह अनुमतियां ऑनलाइन आवेदन करने पर ऑनलाइन ही प्रदान की जाएंगी। आवेदक को कलेक्टर कार्यालय या अन्यत्र आने की आवश्यकता नहीं होगी। वर्तमान में स्थिति को देखते हुए यह आदेश 25 अप्रैल तक के लिए जारी किया गया है। इसके बाद आवश्यकता के अनुसार व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। आवेदक गण https://mapit.gov.in/covid-19 पोर्टल पर अपना आवेदन दे सकते हैं। आवेदक को इसी पोर्टल पर ऑनलाइन ई पास प्राप्त होगा।
Ø कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री मनीष सिंह द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में पशुओं के लिए भूषा और चारे की व्यवस्था के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए जा रहे हैं। पंचायत सचिवों के माध्यम से व्यवस्था बनायी जाएगी।
Ø कलेक्टर श्री मनीष सिंह ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन करते हुए किराना और आटा चक्की खोले जाने के संबंध में भी आवश्यक व्यवस्थाएं बनायी जाएंगी।
Ø कलेक्टर श्री मनीष सिंह ने कोविड-19 के संक्रमण के संबंध में समुचित इलाज के लिए शेल्बी अस्पताल को येलो एवं रेड कैटेगरी मरीजों के इलाज हेतु चिन्हांकित किया है।
Ø इंदौर में कोरोना महामारी की रोकथाम के लिये 22 नये क्षेत्रों को कंटेनमेंट एरिया घोषित कर उनमें सर्वेलेंस के लिये विभिन्न दलों का गठन किया गया है। इस संबंध में कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री मनीष सिंह द्वारा आदेश जारी कर दिये गये हैं। इन एरियों में अपर कलेक्टर स्तर के अधिकारियों को इंसीन्डेंट कमाण्डर बनाया गया है। इनके साथ में राजस्व अधिकारी, पुलिस अधिकारी और नगर निगम के अधिकारी भी रहेंगे।
Ø संभागायुक्त श्री आकाश त्रिपाठी ने खाद्यान्न की आपूर्ति सुलभ करने के लिये डोर-टू-डोर खाद्यान्न सामग्री तथा सब्जी वितरण व्यवस्था को प्रभावी बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने किराना सामग्री, सब्जी, दवाई आदि सप्लाई एवं ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के प्रतिनिधि तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में बताया गया कि खाद्यान्न की डोर-टू-डोर व्यवस्था को शीघ्र ही सुव्यवस्थित कर दिया जायेगा।
Ø कोरोना वायरस के मद्देनजर इंदौर में घर-घर जाकर किये जा रहे सर्वे कार्य को और अधिक विस्तारित किया जायेगा। संभागायुक्त श्री आकाश त्रिपाठी ने निर्देश दिये हैं कि सर्वे कार्य को और अधिक प्रभावी बनाने के लिये इंदौर शहर के सभी घरों में सर्वे हो, इसकी संभावनाओं का पता कर विस्तृत कार्य योजना बनायी जाये। उन्होंने आज शहर के टाट पट्टी बाखल पहुंचकर सर्वे कार्य का जायजा लिया। श्री त्रिपाठी ने सर्वे दल, टाट पट्टी बाखल में लगे चिकित्सकों के दल, राजस्व अधिकारी आदि से चर्चा कर उनका हौसला बढ़ाया। इनसे इनकी समस्यायें पूंछी तथा उनके त्वरित निराकरण के निर्देश दिये।
Ø टाट पट्टी बाखल क्षेत्र में दो सर्वे दलों द्वारा 2 हजार 850 परिवारों का सर्वे पूरा। दूसरे चरण में अब यहाँ फॉलोअप की प्रक्रिया चल रही है। सर्वेक्षित 2 हजार 850 परिवारों में से लगभग 2 हजार 744 परिवारों का फॉलोअप भी पूरा। सर्वे में अब किसी तरह की परेशानी नहीं आ रही है। संभागायुक्त श्री त्रिपाठी ने निर्देश दिये कि प्रतिबंधात्मक आदेशों का कड़ाई से पालन कराया जाये। बेवजह कोई भी नागरिक इधर से उधर नहीं घूम पायें, यह व्यवस्था सुनिश्चित की जाये।
Ø जिले में घर-घर जाकर सघन सर्वेक्षण के लिये 465 दल बनाये गये हैं। अब तक 50 हजार से अधिक परिवारों के ढ़ाई लाख से अधिक व्यक्तियों के सर्वे का कार्य पूरा। सर्दी-खांसी, जुकाम के लक्षण पाये जाने पर 600 व्यक्तियों का इलाज किया गया। इनमें से कोरोना वायरस के लाक्षणिक पाये जाने पर 16 सेम्पल लिये गये,जिन्हें परीक्षण के लिये भेजा गया।
Ø नोडल अधिकारी श्री रोहन सक्सेना ने बताया कि संभागायुक्त श्री त्रिपाठी के निर्देश पर घर-घर सर्वे के लिये डेढ़ हजार और नये दल बनाने की प्रक्रिया शुरू की जायेगी। श्री त्रिपाठी ने निर्देश दिये कि आवश्यकता पड़ने पर आस-पास के जिलों से भी कर्मचारी बुलाये जा सकते हैं।
Ø पुलिस महानिरीक्षक इंदौर रेंज श्री विवेक शर्मा ने कोरोना संक्रमण से सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्र रानीपुरा, दौलतगंज का भ्रमण किया। वे पुलिस चौकी झंडा चौक पहुंचे, जहां पर उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों से उनका कुशलक्षेम पूछा एवं इसके बाद उक्त अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ खाना भी खाया।
Ø संक्रमण के इस संकटकाल में इंदौर क्षेत्र की अनेक औद्योगिक इकाइयां मदद के लिए आगे आ रही है। मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास केंद्र के समन्वय से 15 औद्योगिक इकाइयों ने मुख्यमंत्री राहत कोष में लगभग साढ़े 5 करोड़ रूपये से अधिक की सहायता राशि जमा करायी है।
Ø जिला प्रशासन द्वारा ऑनलाइन शापिंग वाली विभिन्न एजेन्सीज जैसे ऑनडोर, मेट्रो, बेस्ट प्राइज, रिलायन्स, बिग बास्केट, ग्रोफर्स संस्थान, फ्लिपकार्ट आदि को ऑनलाइन एवं ऑन फोन कॉल बुकिंग लेकर घर-घर सामग्री का वितरण घर पर ही भुगतान के आधार पर सामग्री प्रदाय करने की अनुमति दी गई है।


