- मध्य प्रदेश में चार साल में 1,054 करोड़ रुपये से ज्यादा की साइबर ठगी, इंदौर में 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान के जरिए लोगों को सिखाए जा रहे डिजिटल सुरक्षा के गुर
- PPFAS Mutual Fund Opens New Office in Indore
- पीपीएफएएस म्यूचुअल फंड ने इंदौर में नया ऑफिस खोला
- Arjun Kapoor Birthday Special - From Vienna to London, A Look at His Most Memorable Travel Diaries
- Saree' teaser has all the makings of the next chartbuster; fans await Riteish Deshmukh's full visual on June 27
सार्वजनिक स्थलों को महिलाओं, बच्चों के लिए बनाएंगे सुरक्षित
कलेक्टर के मुख्य आतिथ्य में सेफ सिटी की कार्यशाला सम्पन्न
इंदौर. शहर तथा उसके सार्वजनिक स्थलों को महिलाओं, बालिकाओं एवं बच्चों के लिये सुरक्षित बनाने की दृष्टि से सेफ सिटी कार्यक्रम का क्रियान्वयन किया जा रहा है. सेफ सिटी कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु विविध विभाग व विविध सेक्टर के साथ मिलकर कार्यक्रम की रणनीति एवं प्रशिक्षण/कार्यशाला का आयोजन आज रवीन्द्र नाट्यगृह इंदौर में किया गया.
कार्यशाला में कलेक्टर मनीष सिंह, आईजी तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिनारायणचारी मिश्र, जिला पंचायत के सीईओ हिमांशु चन्द्र, स्मार्ट सिटी परियोजना के सीईओ श्रीमती आदिति गर्ग, अपर कलेक्टर मयंक अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे.
इंदौर सेफ़ सिटी कार्यक्रम के लिए जिलास्तरीय प्रशिक्षण और कार्यशाला में विभिन्न्न विभागों के अधिकारी और स्टाफ के साथ-साथ स्वयंसेवी संगठनों, सिविल सोसाइटी के सदस्य, स्कूल/कॉलेज के प्रोफेसर, प्रिंसिपल, स्पोर्ट्स ऑफिसर, एनसीसी, एनएसएस, स्काउट गाईड, रेडक्रास आदि के सदस्य मौजूद थे.
कार्यक्रम में कलेक्टर श्री मनीष सिंह ने कहा कि राज्य शासन की मंशा के अनुरूप सेफ सिटी कार्यक्रम का प्रभावी और परिणाममूलक क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाये. कार्यक्रम की सभी गतिविधियाँ निर्धारित समयबद्ध कार्यक्रम के अनुरूप हों।
सेफ सिटी कार्यक्रम
बताया गया कि प्रदेश में सेफ सिटी कार्यक्रम के तहत इंदौर का भी चयन किया गया है. सेफ सिटी कार्यक्रम का लक्ष्य, कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शहरों और सार्वजनिक स्थलों को सुरक्षित रूप से विकसित करना है ताकि हर उम्र, समुदाय की लड़कियों और महिलाएं सभी प्रकार की हिंसा के भय से मुक्त होकर उनका उपयोग कर सके. शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशिक्षण, रोजगार जैसी बुनियादी सेवाओं तक उनकी पहुँच सुनिश्चित हो और वे सशक्त और स्वावलम्बी जीवनयापन कर सके.


