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फेयरफील्ड बाय मैरियट इंदौर में चल रहा है “ज़ायका सफर” बिहार से छत्तीसगढ़ तक के पारंपरिक स्वादों का उत्सव
· 19 से 28 जून तक मेहमानों को मिल रहा है गांवों की रसोई और जनजातीय व्यंजनों का अनुभव
इंदौर, 20 जून 2026। बिहार और छत्तीसगढ़ की पारंपरिक खाद्य संस्कृति को एक मंच पर प्रस्तुत करने के उद्देश्य से फेयरफील्ड बाय मैरियट इंदौर के कावा रेस्टोरेंट में “ज़ायका सफर : बिहार टू छत्तीसगढ़” फूड फेस्टिवल का आयोजन किया जा रहा है। 19 से 28 जून तक चलने वाले इस फेस्टिवल में मेहमानों को दोनों राज्यों के ग्रामीण, पारंपरिक और जनजातीय व्यंजनों का स्वाद लेने का अवसर मिल रहा है।
फेयरफील्ड बाय मैरियट इंदौर के जनरल मैनेजर सुदीप सिन्हा ने कहा कि “भारत की विविधता उसके खानपान में सबसे खूबसूरती से दिखाई देती है। “ज़ायका सफर” के माध्यम से बिहार और छत्तीसगढ़ की समृद्ध परंपराओं को इंदौर के लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। मेन्यू तैयार करते समय व्यंजनों के मूल स्वाद और पारंपरिक विधियों को बरकरार रखने पर विशेष ध्यान दिया गया है। स्थानीय मसालों और पारंपरिक सामग्री का उपयोग कर तैयार किए गए व्यंजनों के जरिए मेहमानों को बिहार और छत्तीसगढ़ की वास्तविक खाद्य संस्कृति से परिचित कराया जा रहा है। आयोजन को मेहमानों से अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है और यह फेस्टिवल लोगों को भारत के हृदय क्षेत्र की खाद्य संस्कृति को करीब से जानने का अवसर प्रदान कर रहा है।”
“माटी का स्वाद” थीम पर आधारित इस फेस्टिवल में बिहार और छत्तीसगढ़ के ऐसे व्यंजनों को शामिल किया गया है जो स्थानीय संस्कृति, परंपराओं और समुदायों की पहचान माने जाते हैं। फेस्टिवल के माध्यम से दोनों राज्यों की पाक विरासत को प्रामाणिक रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है। यहां गांवों की रसोई में बनने वाले पारंपरिक व्यंजनों से लेकर जनजातीय समुदायों के विशेष पकवान तक परोसे जा रहे हैं।
फेस्टिवल के दौरान रेस्टोरेंट की सजावट में भी दोनों राज्यों की सांस्कृतिक झलक देखने को मिल रही है। पारंपरिक कलात्मक तत्वों और लोक संस्कृति से प्रेरित सजावट मेहमानों के अनुभव को और आकर्षक बना रही है। आयोजन में भोजन के साथ उन परंपराओं और समुदायों की कहानियों को भी सामने लाने का प्रयास किया गया है, जिनसे ये व्यंजन जुड़े हुए हैं।


