- Vikram Solar Brings Together Indore’s Renewable Energy Players at 'PowerConnect 2026'
- विक्रम सोलर का ‘पावरकनेक्ट 2026’ में इंदौर के रिन्यूएबल एनर्जी क्षेत्र से जुड़े लोगों को एक मंच पर लाया
- आकाशवाणी के ‘हेलो डॉक्टर’ में डॉ. ए.के. द्विवेदी ने श्रोताओं के सवालों का वैज्ञानिक तरीके से दिया समाधान
- Movies & Shows that bring the reality of hospital corridors to life
- Sidharth Malhotra On Finding Truth In The Supernatural World Of Vvaan
तकनीकी जानकारों की जरुरत है जर्मनी को : धीरज शाह
जर्मनी में बसे पति-पत्नी ने छात्रों और लोगों को दी जानकारी
इंदौर। हम करीब 14 सालों से जर्मनी में रह रहे हैं। वहां एक ही बात देखी है कि गुजरात, कर्नाटक और तमिलनाडु से बड़ी संख्या में भारतीय आ रहे हैं, लेकिन मध्यप्रदेश से वह संख्या बहुत कम है। कारण लोगों में अभी-भी जर्मनी को लेकर बहुत से सवाल है। इसीलिए आज हम यहां पर जर्मनी की वर्क लाइफ, वहां की शिक्षा और वहां के रहन-सहन के बारे में बात कर रहे हैं।
होटल क्राउन पैलेस में आज दोपहर 50 से ज्यादा लोग धीरज शाह सुन रहे थे। साथ में उनकी पत्नी उर्वी शाह भी थीं। धीरज इंजीनियर है और जर्मनी में मध्यप्रदेश के खासकर इंदौर के लोगों की कमी को महसूस करते हैं।
धीरज शाह ने बताया कि टेक्नोलॉजी में जर्मनी का नाम दुनिया में सबसे ऊपर आता है। जर्मनी विज्ञान और इंजीनियरिंग में बहुत आगे हैं। इसीलिए वहां की अर्थव्यवस्था भी बहुत अच्छी है। आज के समय की बात करें, तो जर्मनी को टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में युवाओं की जरूरत है। इसीलिए कई विश्वविद्यालय अंग्रेजी में कई कोर्स शुरू करने कर रहे हैं। साथ ही वहां पढ़ने के लिए युवाओं के वीजा की कई कठिनाइयां भी वहां की सरकार दूर कर रही है।
धीरज शाह और उर्वी शाह इसी मकसद से इंदौर में सेमिनार को संबोधित कर रहे थे। ताकि यहां से बड़ी संख्या में युवा और लोग जागरुक होकर जर्मनी जाएं। उन्होंने यह भी बताया कि वहां की वर्किंग लाइफ बहुत सरल और आसान है। 8 घंटे लोग काम करते हैं। हालांकि वहां काम की शुरुआत बहुत जल्दी हो जाती है और लोग पूरी शाम अपने परिवार या बच्चों के साथ बिताना पसंद करते हैं। वहां एक्स्ट्रा काम जैसा कुछ नहीं होता है। उनके लिए काम का मतलब सिर्फ काम है और परिवार का मतलब परिवार। वहां के लोग काम के समय सिर्फ काम को महत्व देते हैं और घर में आते ही अपने परिवार को। सेमिनार में मैनेजमेंट से लेकर इंजीनियरिंग और अंडर ग्रेजुएट के कई छात्रों के अलावा बिजनेस में रुचि रखने वाले लोग भी शामिल हुए।


