- Kumar Sanu surprises contestant Durgesh; says, “I will send a TV to your home so that your mother and father can watch you on Sa Re Ga Ma Pa”
- ‘सा रे गा मा पा’ के कंटेस्टेंट दुर्गेश यादव के लिए कुमार सानू का खास तोहफा, बोले, “आज ही आपके घर टीवी भिजवाऊंगा, ताकि आपके माता पिता आपको शो में देख सकें”
- यूनिक हॉस्पिटल में दिव्यांग बच्चों के लिए 30 बेड के निःशुल्क विशिष्ट सेवा वार्ड का लोकार्पण
- Kunal Kapoor Offers a Glimpse into His World as Lord Indra in Ramayana, Calls It a Magnum Opus: “So Much Goes into Creating Something of This Scale”
- राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस: शुरुआती पहचान और समय पर उपचार से बढ़ सकती हैं स्वस्थ जीवन की संभावनाएं
इंदौर के दो हॉस्पिटलों से 25 डिस्चार्ज किये गये मरीज
इंदौर पुलिस की संवेदनशील छबि, डिस्चार्ज हुये कोरोना मरीजों पर फूल बरसाकर किया अभिवादन
इंदौर. पुलिस जिनके हाथों में अक्सर लठ रहता है,उनके हाथों में अगर फूल हों तो यह एक आश्चर्य का विषय है। परंतु यह आश्चर्य आज इंदौर के अरविंदो हॉस्पिटल में देखा, जब पुलिस के हाथों में लठ नहीं, बल्कि फूल थे।
यह फूल उन्होंने कोरोना की जंग को परास्त करने वाले योद्धाओं के लिये संजोये थे। अपनी संवदेनशील छबि का परिचय देते हुये इंदौर के बाणगंगा थाने के पुलिसकर्मियों ने यह अनूठी पहल की और कोरोना को परास्त कर स्वस्थ होकर घर जा रहे मरीजों पर पुष्प वर्षा कर उनका अभिवादन किया और विदाई दी।
आज अरविंदो अस्पताल से 23 मरीजों को सफल उपचार के पश्चात डिस्चार्ज किया गया। इसके अलावा एमआरटीबी हॉस्पिटल से दो मरीज डिस्चार्ज किये गये। इन्हें मिलाकर आज कुल 25 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया।
एमआरटीबी से डिस्चार्ज हुये दो मरीजों ने कहा कि उन्हें अस्पताल में बहुत अच्छी सुविधायें एवं इलाज मिला, इसके लिये मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान तथा कलेक्टर श्री मनीष सिंह का तहेदिल से शुक्रगुजार हैं। अस्पताल के चिकित्सक, नर्स एवं अन्य स्टॉफ का भी बहुत अच्छा सहयोग मिला। इन्हीं की बदोलत हम आज स्वस्थ होकर घर जा रहे हैं।
इसी तरह के कुछ विचार अरविंदो हॉस्पिटल से डिस्चार्ज हुये मरीजों ने भी व्यक्त किये। उन्होंने भी मुख्यमंत्रीजी, संभागायुक्त,कलेक्टर एवं अन्य संबंधितों का आभार व्यक्त किया।
एमआरटीबी हॉस्पिटल के प्रभारी डॉ. सलिल भार्गव ने बताया कि कोरोना मरीजों का निरंतर सफल इलाज किया जा रहा है। कई मरीज 10 दिन में तो किसी को 20 से 24 दिन में पूर्ण स्वस्थ्य किया जा रहा है। पेशेंट की जरूरत के मान से निर्धारित मापदण्ड अनुसार ऑक्सीजन थैरेपी एवं प्रचलित विधियों द्वारा इलाज किया जा रहा है।


