- रैम्प योजना के अंतर्गत सीएफटीआरआई, मैसूर में MSMEs एवं स्टार्टअप्स की तकनीकी एक्सपोज़र विजिट सफलतापूर्वक संपन्न
- Technical Exposure Visit of MSMEs and Startups Successfully Concludes at CFTRI, Mysuru under RAMP Scheme
- Dhvani Bhanushali Receives Warm Appreciation from Gajraj Rao for Papa Hero Tum Mere Track from Her Album ‘Feels’, Singer Reacts
- ईडीआईआई और सीएसआईआर-सीडीआरआई, लखनऊ ने संयुक्त रूप से टेक्नोलॉजी शोकेस एंड एडॉप्शन वर्कशॉप का आयोजन किया
- Varun Dhawan Turns Host for the First Time for IIFA 2027
“कोरोना सुनामी और संगठित प्रयास”
डॉ. रीना रवि मालपानी (कवयित्री एवं लेखिका)
कैसी आई 2021 की यह डरावनी कोरोना लहर।
नियमों के सख्त पालन से रोकना होगा यह कहर॥
समय नहीं है आरोप-प्रत्यारोप, स्वीकार-अस्वीकार और असत्य प्रसार का।
यह समय तो है केवल यथार्थ धरातल पर मानवीय व्यवहार का॥
माना कि कोरोना त्रासदी का तिमिर चहुँ ओर है फैला।
महामारी का यह विकराल रूप देख मन व्यथित हुआ और दहला॥
सर्वत्र दिखाई दे रही मानवीय वेदना और इसका दर्द भी है गहरा।
फिर भी हम समन्वित और संगठित प्रयासों से बनाएँगे अपना कल सुनहरा॥
शायद आज हमारे इम्तेहान का कठोर काल है।
क्योंकि कोरोना वाइरस ने पुनः रूप धरा विकराल है॥
आज एक-एक सांस पर आ गई है कयामत।
है ईश्वर, प्रार्थना है रखना सबको सलामत॥
वस्तुस्थिति में पारदर्शी और सहृदय व्यवहार की है आवश्यकता।
पीड़ा और भटकाव खत्म हो, यही चाहती है देश की जनता॥
कठिन हालातों में देनी होगी युद्ध स्तर पर कार्यो को गति।
इसी सकारात्मक्ता से बदल सकेंगी 2021 की नियति।।
तेजी से बढ़ते संक्रमण से शायद व्यवस्था डगमगा रही है।
डॉ. रीना कहती सभी को साथ मिलकर चलना है, शायद यह सीखा रही है॥


