- IIM Indore Conducts Bharat KALP Leadership Programme, Bringing Together Senior Civil Servants to Strengthen Governance and Public Leadership
- आईआईएमइंदौर ने आयोजित किया भारत KALP नेतृत्व कार्यक्रम; सुशासन और सार्वजनिक नेतृत्व को सशक्त बनाने के लिए देशभर के वरिष्ठ सिविल सेवक हुए शामिल
- Bunty Singh Wins Two Elite Titles, Shines at Mrs. Asia Pacific World & India International Cosmo 2026
- दो प्रतिष्ठित मंचों पर छाईं बंटी सिंह, मिसेज एशिया पैसिफिक वर्ल्ड एवं इंडिया इंटरनेशनल कॉस्मो 2026 की एलीट विनर बनीं
- इंदौर में बिलियनेयर्स नेटवर्क के ‘बीएन प्रथम’ चैप्टर का लॉन्च, उद्यमियों को मिलेगा नेटवर्किंग का मंच
आयोलाल-झूलेलाल के जयघोष से गूंजा सिंधी कालोनी क्षेत्र
201 लाल सांई बाराणा यात्रा में दिया स्वच्छता का संदेश
इन्दौर. हिंदू संस्कृति मंच के तत्वावधान में मंगलवार को सिंधी बाहुल्य क्षेत्र में भव्य लाल सांई बाराणा यात्रा निकाली गई. लाल सांई बाराणा यात्रा में जहां महिलाएं अपने सिर पर ज्योत की थाल लेकर यात्रा में चल रही थी तो वहीं पुरूष भी सिंधी भजनों पर नाचते-झूमते यात्रा के अग्र भाग में चल रहे थे. सिंधी बाहुल्य क्षेत्र से निकले इस लाल सांई बाराणा यात्रा में सभी समाज बंधुओं ने रहवासियों एवं व्यापारियों को स्वच्छ इन्दौर स्वस्थ इन्दौर का संदेश भी दिया।
हिंदू संस्कृति मंच के संयोजक अशोक खुबानी, शंकर वाधवानी ने बताया कि सिंधी समाज के वार्षिक पर्व चालिहा उत्सव के समापन अवसर पर सिंधी समाज द्वारा इंदौर शहर में पहली बार 201 लाल साईं बाराणा यात्रा एवं भव्य झूलेलाल भजन संध्या का आयोजन किया गया. हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी चालिहा उत्सव के समापन अवसर पर सेहरा वाले साई के सानिध्य में 201 महिलाएं अपने सिंधी परिवार के साथ मिलकर बाराणा साहब की ज्योत जलाकर उसे सर पर रख कर यात्रा में शामिल हुई.
सिंधी कालोनी स्थित स्वामी प्रीतमदास गुरूद्वारे से प्रारंभ हुई 201 लाल सांई बाराणा यात्रा की शुरूआत ज्योत जलाकर एवं भगवान झूलेलाल की आरती के साथ की। सिंधी बाहुल्य क्षेत्र से निकली यह यात्रा का विभिन्न सामाजिक संगठनों ने मंच लगाकर यात्रा का स्वागत भी किया. कार्यक्रम की महिला विंग की प्रमुख श्रीमती लता पुरस्वानी एवं कार्यक्रम के मीडिया प्रभारी नरेश फुंदवानी ने बताया कि लालसाई बाराणा यात्रा शाम 5.30 बजे झूलेलाल मंदिर सिंधी कॉलोनी से प्रारंभ होकर विभिन्न मार्गो से होकर पुन: स्वामी प्रीतम दास सभाग्रह पहुंची। जहां आरती के पश्चात इस यात्रा का समापन हुआ।
चित्र- सिंधी ससाज


