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महिला प्रकोष्ठ अग्रवाल समाज ने देश की विभिन्न संस्कृतियों को जीवंत किया
कश्मीर से कन्याकुमारी और कटक से कर्नाटक तक की वेशभूषा में आई महिलाएं
इंदौर। महिला प्रकोष्ठ अग्रवाल समाज ने आज होली के रंगारंग पर्व को देश की अनेकता में एकता से जोड़ते हुए लगभग सभी राज्यों की संस्कृति, पहनावे और परंपराओं को एक मंच पर जीवंत करने की सार्थक प्रस्तुतियां देकर साकार किया।
‘लव यू जिंदगी’ शीर्षक पर आधारित इस कार्यक्रम में प्रकोष्ठ की लगभग 70 महिलाओं ने साऊथ तुकोगंज स्थित एक होटल में कश्मीर से कन्याकुमारी तक और कटक से कर्नाटक तक की संस्कृतियों को विविधता में एकता, धर्म और संस्कृति के रंगों को अपनी प्रस्तुतियों से जीवंत बना दिया। कोई कश्मीर की वेशभूषा में आई तो कोई महाराष्ट्र की लावणी जैसी साड़ी मंे। किसी ने दक्षिण भारत को जीवंत बनाया तो किसी ने पंजाब और राजस्थान को। केरल की संस्कृति को श्वेता मोदी ने प्रस्तुत किया। संगीता बंसल मलयालम वेशभूषा में आई। ‘जैसा देश वैसा भेष’ की कहावत को चरितार्थ करते हुए प्रकोष्ठ की सुनीता जैन ने गुजराती, पूनम अग्रवाल ने राजस्थानी, गरिमा गुप्ता और गीता अग्रवाल ने कश्मीरी डांस की प्रस्तुतियां भी दी। सुनीता सुशा ने गुजराती भजन प्रस्तुत किए। इस अवसर पर भारत दृश्यम तंबोला एवं इंडिया हिस्ट्री बेस्ड पजल गेम भी खेले गए। करीब तीन घंटे चले इस अनूठे कार्यक्रम का समापन रंग-गुलाल-अबीर से एक-दूसरे को शुभकामनाएं देने, राष्ट्र की एकता-अखंडता को मजबूत बनाने और शहर को साफ-सुथरा बनाए रखने जैसे संकल्पों के साथ हुआ। प्रकोष्ठ की अध्यक्ष प्रतिभा मित्तल ने संचालन किया।


