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लॉकडाउन के दौरान जरूरतमंदों की मदद के लिए साथ आया ऐड-एट-एक्शन व आयशर ग्रुप फाउंडेशन
मध्य प्रदेश के 3 जिलों में स्वदेशी मास्क और स्वच्छता किट के उत्पादन और वितरण से जरूरतमंदों को मिल रहा है आजीविका का अवसर
इंदौर. वैश्विक महामारी बनकर उभरे कोविड-19 से बचाव के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में जहां स्वछता किट का अभाव है वहीं, राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के कारण आजीविका के अवसरों में भी गिरावट आ गई है। इस विषम परिस्थिति में दोनों ही समस्याओं से ग्रामीणों को निजात दिलाने के लिए ऐड एट एक्शन इंटरनेशनल ने आयशर ग्रुप फाउंडेशन के साथ हाथ मिलाया है।
दोनों ही संस्थाओं के संयुक्त पहल से मध्य प्रदेश के तीन जिलों धार, देवास, और इंदौर की छह पंचायतों में स्वदेशी मास्क और स्वच्छता किटों का उत्पादन तथा वितरण किया जाएगा। सशक्त ग्राम ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने के लिए सामुदायिक सशक्तिकरण पर आधारित इस पहल ‘सशक्त ग्राम’ के जरिए इन गाँवों में एसएचजी (स्वयं सहायता समूह) महिलाओं को एक लाख मास्क के उत्पादन और वितरण से जोड़कर उनके लिए आजीविका का अवसर पैदा कर रही है। मास्क के साथ ही 2500 परिवारों तक स्वछता किट भी पहुंचाने का लक्ष्य है।
पहल के अंतर्गत गांवों में महिला उद्यमियों / एसएचजी सदस्यों की पहचान करके उन्हें मास्क निर्माण के लिए कच्चा माल उपलब्ध करवाया गया। मध्यप्रदेश के तीनों जिलों के परियोजना से जुड़े 9 गाँवों में 57 महिलाओं द्वारा कुल 12,234 मास्क का उत्पादन किया गया है। वहीं, अब तक पंचायतों की सहायता से तीनों जिलों के परियोजना से जुड़े 14 गांवों में 2,145 परिवारों तक स्वच्छता किट भी पहुंचाया जा चुका है।
पहल को लेकर ऐड एट एक्शन इंटरनेशनल के लाइवलीहुड एजुकेशन साउथ एशिया के प्रोग्राम डायरेक्टर डॉ. ऐश्वर्य महाजन ने कहा कि, “इस पहल का उद्देश्य लॉकडाउन के दौरान न सिर्फ ग्रामीणों को स्वच्छता मानकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है बल्कि, संकट के इस समय में उनके लिए आजीविका का अवसर पैदा कर उन्हें आत्मनिर्भर भी बनाना भी है। यह कदम संकट के इस समय में सरकारी प्रयासों को मजबूती देने के लिए हमारी प्रतिबद्धता के अनुरूप उठाया गया है।“
उत्पादित होने वाले कुल एक लाख मास्कों में से 25,000 का वितरण परियोजना से जुड़े गांवों में किया जाएगा तथा ‘सशक्त ग्राम’ पहल के योगदान के रूप में शेष 75,000 मास्क जिला प्रशासन को सौंपा जाएगा। मास्क के लिए कपड़ा तथा अन्य सुई और धागा जैसे कच्चा की आपूर्ति सशक्त ग्राम संदर्भ केंद्र से की गई थी वहीं, स्वच्छता किट इंदौर से मंगवाए गए थे। तीनों जिलों के सभी छह पंचायतों में सभी सामग्रियों का वितरण मोबाइल मेडिकल यूनिट ‘आरोगिता’ के जरिए की गई थी।
पहल से लाभान्वित हुए देवास जिले के खोखरिया के सरपंच श्री राम रतन सिंह ने संगठनों से मिले सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि, ”विपत्ति के समय में जो हमारे साथ होता है, वही सच्चा शुभचिंतक होता है। आज आयशर ग्रुप फाउंडेशन और ऐड एट एक्शन ने आगे आकर यह साबित कर दिया है कि वे हमारे सच्चे शुभचिंतक हैं। इन्होंने ग्रामीणों को महामारी से बचाने के लिए कई तरह के सुरक्षा उपकरण प्रदान किया है। गांव के हर परिवार को मास्क, सेनिटाइज़र, महिलाओं के लिए सैनिटरी पैड और अन्य संबंधित सामग्रियां प्रदान किया गया है। इसके लिए हम सभी ऐड एट एक्शन और आयशर ग्रुप फाउंडेशन के बेहद आभारी हैं।”


