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जब तक प्रधानमंत्री मोदी है तब तक कोई एमएसपी नहीं हटा सकताः प्रधान
भाजपा का संभागीय किसान सम्मेलन संपन्न
इंदौर. पहले साढे सात हजार करोड़ एमएसपी किसानों को दिया जाता था अब पन्द्रह हजार करोड़ दिया जाता है। हमारे देश के कृषि मंत्री नरेन्द्रसिंह तोमर ने कहा है कि एमसीपी जब तक नहीं हटाया जा सकता है तब तक देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी है और यह मैं लिखकर कर देने के लिये भी तैयार हूं.
यह बात भाजपा के किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए केन्द्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कही. दशहरा मैदान में आयोजित सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधान ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के चुनाव में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने गंगाजी की कसम खा कर कहा था कि हम सरकार बनने के 10 दिन के अंदर ही किसानों का कर्ज माफ कर देंगे जो नहीं किया. अब यह कहा जा रहा है एमएसपी बंद कर दिया जायेगा ऐसे ही कई झूठी बाते बनाकर कांग्रेस और विपक्षी देश में लोगों को भड़काने का काम कर रहे है.
उन्होंने कहा कि कांन्ट्रेक्ट फार्मिंग में किसानों में यह भ्रम फैलाया जा रहा है आपकी जमीन व्यापारी खरीद लेगा, जबकि कांन्ट्रेक्ट फार्मिंग में एक इंच जमीन भी किसानों की कोई नहीं ले सकता है यह तो केवल फसल को बेचने के लिये पहले से किये जाने वाला करार है जिसके अंतर्गत किसान व्यापारी को कांन्ट्रेक्ट के तहत फसल को बोने के समय पहले से खाद-बीज का पैसा ले सकता है तथा फसल के तैयार होने पर वह फसल को व्यापारी को फसल बेच सकता हैं.
किसान फसल का भाव क्यों तय नहीं कर सकताः विजयवर्गीय
राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि पप्पू हमेशा से ही चाहे वाहे सीएए को विरोध करने वाली गैंग हों चाहे राम मंदिर का विरोध करने वाले लोग हो, सभी के साथ पप्पू और उसकी पार्टी खड़ी रहती है. अगर हम कपड़े खरीदने जाते है तो कपड़े का भाव कपड़े वाला तय करता है, बर्तन का भाव बर्तन वाला, मोटरसाईकिल का भाव व्यापारी तय करते है तो किसानों की फसल का भाव किसान क्यों नहीं तय कर सकता है.
मोदीजी ने इसी अंग्रेजों के समय से चले आ रहे काले कानून को खत्म करके यह नये कृषि बिल बनाये है जिसके माध्यम से किसान अपनी फसल चाहे तो मंडी में बेंच सकता है, चाहे तो मंडी के बाहर कही भी बेच सकता है, उन्हें पूरी स्वंतत्रता दी गई है.
कांग्रेस अराजकता का माहौल पैदा करती हैः मिश्रा
केबिनेट मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि जो लोग दिल्ली में बैठे है यह स्पष्ट करें कि कांग्रेस का कानून सही था जिसमें किसान कर्ज लेता था, कर्ज में जीता था और कर्ज में ही मर जाता था तथा विरासत में ही कर्ज छोड़कर चला जाता था, क्या यह सही था. किसान अपनी फसल कहीं भी क्यों नहीं बेंच सकता है.
जो इस कृषि बिल में प्रावधान किये गये, कांग्रेस ने हमेशा से ही भय और भ्रम की राजनीति की है, कांग्रेस पार्टी हमेशा से ही दूसरे के ललना को अपने पलने में पालने का प्रयास करती है. कांग्रेस हर आंदोलन में जो देश के विरोध में हो, जैसे सीएए का विरोध करने वाले, टूकड़े-टूकड़े गैग से मिलकर देश में अराजकता का माहौल पैदा करने का प्रयास करती है.
पार्टियां राजनैतिक रोटियां सेक रहीः चौहान
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, सांसद नंदकुमारसिंह चौहान ने कहा कि किसानों का जीवन स्तर उठाने के लिये हमारे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री कृषि सुधार बिल लाये है जिसके समर्थन में आज हजारों किसान आये है. देश की राजनैतिक पार्टियां अपनी-अपनी राजनैतिक रोटियां सेकने में लगे हुई है और वे कुछ मुट्ठीभर लोग इकट्ठा करके कृषि बिलों का विरोध करने में लगी हुई है. सम्मेलन को केबिनेट मंत्री सुश्री उषा ठाकुर, प्रेमसिंह पटेल, प्रदेश महामंत्री सुश्री कविता पाटीदार, विधायक एवं वरिष्ठ नेता तुलसीराम सिलावट ने भी संबोधित किया.
इस अवसर पर वरिष्ठ नेता कृष्णमुरारी मोघे, संभागीय संगठन मंत्री जयपालसिंह चावड़ा, नगर अध्यक्ष गौरव रणदिवे, जिला अध्यक्ष डॉ. राजेश सोनकर, कार्यक्रम प्रभारी पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सांसद नंदकुमारसिंह चौहान, प्रदेश महामंत्री सुश्री कविता पाटीदार, विधायक रमेश मेंदोला, सांसद शंकर लालवानी, सांसद छतरसिंह दरबार, विधायक महेन्द्र हार्डिया, मालिनी गौड़, तुलसीराम सिलावट, आकाश विजयवर्गीय, सुदर्शन गुप्ता, जीतू जिराती, मधु वर्मा, सूरज कैरो आदि उपस्थित थे. सम्मेलन का संचालन प्रदेश उपाध्यक्ष व पूर्व विधायक श्री जीतू जिराती ने किया एवं अंत में आभार पूर्व विधायक मनोज पटेल ने माना।


