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सरल बिल जमा करने के लिए घर-घर फैलाएंगे जागरूकता
मप्रपक्षेविविकं के प्रबंध निदेशक श्री त्रिपाठी ने बैठक में दिए व्यवस्था सुधार के निर्देश
इंदौर। सरल बिल जमा करने के लिए मीटर रीडरों, बिल वितरकों, लाइनमैन व अन्य बिजली कर्मचारी द्वारा अभियान चलाया जाए। जागरुकता के साथ सरल बिल के लाभान्वितो को 200 रूपए नियमित जमा करने के लिए प्रेरित किया जाए। हर हाल में घरों में बिजली वितरण चौबीसों घंटे किया जाए, कम आपूर्ति पर बिजली इंजीनियरों को मुख्यालय नोटिस जारी करेगा।
उक्त निर्देश मप्रपक्षेविविकं के प्रबंध निदेशक श्री आकाश त्रिपाठी ने दिए। शुक्रवार को पोलोग्राउंड कंपनी मुख्यालय के सभागार में उन्होंने डिविजनों की समीक्षा की, घरों की बिजली औसतन रूप से ज्यादा बंद रहने वाले इलाकों के अधिकारियों को अंतिम चेतावनी दी गई। इसके बाद नोटिस व वेतनवृद्दि रोकने की कार्रवाई होगी। किसानों को सिंचाई के लिए दस घंटे प्रतिदिन बिजली दी जाएगी। इसकी हर डिविजन में तैयारी की जाए, किसानों से फ्लेट रेट बिजली दर की वसूली शत प्रतिशत की जाए। मुख्यमंत्री स्थाई कृषि पंप योजना के तहत सात हजार किसानों को स्थाई कनेक्शन दिए जाए, ताकि उन्हें सब्सिडी पर्याप्त मिले व बार-बार आवेदन करने की नौबत न आए।
इंदौर। सरल बिल जमा करने के लिए मीटर रीडरों, बिल वितरकों, लाइनमैन व अन्य बिजली कर्मचारी द्वारा अभियान चलाया जाए। जागरुकता के साथ सरल बिल के लाभान्वितो को 200 रूपए नियमित जमा करने के लिए प्रेरित किया जाए। हर हाल में घरों में बिजली वितरण चौबीसों घंटे किया जाए, कम आपूर्ति पर बिजली इंजीनियरों को मुख्यालय नोटिस जारी करेगा।
उक्त निर्देश मप्रपक्षेविविकं के प्रबंध निदेशक श्री आकाश त्रिपाठी ने दिए। शुक्रवार को पोलोग्राउंड कंपनी मुख्यालय के सभागार में उन्होंने डिविजनों की समीक्षा की, घरों की बिजली औसतन रूप से ज्यादा बंद रहने वाले इलाकों के अधिकारियों को अंतिम चेतावनी दी गई। इसके बाद नोटिस व वेतनवृद्दि रोकने की कार्रवाई होगी। किसानों को सिंचाई के लिए दस घंटे प्रतिदिन बिजली दी जाएगी। इसकी हर डिविजन में तैयारी की जाए, किसानों से फ्लेट रेट बिजली दर की वसूली शत प्रतिशत की जाए। मुख्यमंत्री स्थाई कृषि पंप योजना के तहत सात हजार किसानों को स्थाई कनेक्शन दिए जाए, ताकि उन्हें सब्सिडी पर्याप्त मिले व बार-बार आवेदन करने की नौबत न आए।
पांच हजार लीटर आईल देंगे
प्रबंध निदेशक श्री त्रिपाठी ने बताया कि बिजली की बेहतर आपूर्ति के लिए ट्रांसफार्मरों व्का रखरखाव और सुधारा जाएगा। ट्रांसफार्मरों के लिए आईल की कोई कमी नहीं रहेगी। प्रत्येक डिविजन में पांच हजार लीटर आईल का स्टाक रहेगा। आईल फिल्टर मशीनें भी ली जाएगी। हर उमावि, हाई स्कूल में सितंबर अंत तक बिजली कनेक्शन विभाग की मांग अनुरूप दिए जाएंगे। इस दौरान सीजीएम श्री मनोज पुष्प, ईडी संजय मोहासे, आरएस खत्री, पुनीत दुबे समेत विभिन्न जिलों की बिजली इंजीनियर मौजूद थे।


