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हनीट्रैप मामले में तीन आरोपित महिलाओं को जमानत
इंदौर. मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ ने बहुचर्चित हनीट्रैप मामले की तीन आरोपित महिलाओं को आज जमानत दिए जाने के आदेश दिए. आरोपित श्वेता विजय जैन, श्वेता स्वप्निल जैन और मोनिका यादव को कोर्ट ने 50-50 हजार रुपए के मुचलके पर याचिका मंजूर कर ली.
एकलपीठ के न्यायाधीश सुबोध अभ्यंकर ने श्वेता पति स्वपनिल जैन, श्वेता पति विजय जैन और मोनिका यादव के जमानत आवेदन की सुनवायी एकसाथ की. आवेदनकर्ताओं के अधिवक्ताओं ने अदालत में कहा कि तीनों आरोपी डेढ़ वर्ष से अधिक समय से न्यायिक अभिरक्षा में जेल में हैं. प्रकरण में 50 से अधिक गवाह होने के चलते सुनवायी में लंबा समय लग सकता है.
अदालत ने सुनवायी के बाद तीनों आरोपियों को 50 – 50 हजार रुपयों के सादे मुचलके पर जमानत प्रदान करने के आदेश दिए. आदेश में कहा गया है कि आरोपी जांच एजेंसियों को जांच में पूरा सहयोग करेंगी और जांच प्रभावित नहीं करेंगी. फैसले में कोर्ट ने हरभजनसिंह को लेकर तल्ख टिप्पणी की है. कोर्ट ने माना कि उसने अपने पद का दुरुपयोग किया और आरोपित महिलाओं को विलासिता की अनुमति दी.
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2019 में यहां नगर निगम के एक इंजीनियर ने पुलिस में शिकायत दर्ज करायी थी कि कुछ महिलाओं ने उनके निजी पलों के वीडियो बना लिए हैं और इसके आधार पर वे करोड़ों रुपयों की मांग कर रही हैं. पलासिया थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर इन तीन महिलाओं के अलावा तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें दो महिलाएं और एक कारचालक शामिल है. सभी आरोपी जेल में बंद हैं.
आरोपियों के कब्जे से इलेक्ट्रानिक उपकरणों में से अनेक आपत्तिजनक वीडियो और अन्य सामग्री मिली थी. इस मामले की जांच के दौरान पता चला था कि आरोपियों ने अनेक प्रभावी लोगों के वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल किया है. आरोपियों पर पलासिया थाने में ही एक अन्य मामला दर्ज होने के कारण इनकी रिहायी फिलहाल मुश्किल नजर आ रही हैं. आरोपियों को अभी एक ही मामले में जमानत का लाभ दिया गया है.


