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पुलिस पहुंची तो बैंक लूटेरों ने चलाई गोली
इंदौर की दोनों सनसनीखेज लूट की वारदातों का पर्दाफाश, बैक लूट और उषा नगर डकैती के आरोपी पकड़ाए
इंदौर. शहर में उषा नगर में हुई लूट और बैंक डकैती का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया. उषा नगर क्षेत्र की घटना में नौ आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं. वहीं एक्सिस बैंक लूट की घटना के बदमाशों को भी पकड़ लिया. बैंक लूट की घटना के आरोपियों को जब पुलिस पकडऩे पहुंची तो उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में दो बदमाशो को गोली लगी और पांच पुलिस कर्मी भी घायल हुए.
आईजी विवेक शर्मा और डीआईजी हरिनारायणचारी मिश्र ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि बैंक लूट की घटना की विवेचना के दौरान पहले बैंक के गार्ड से पूछताछ की गई. उसने पहले तो पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया परंतु जब उसके बयानों में विरोधाभास आया तो सख्ती से पूछताछ करने पर वह टूट गया.
उसने बताया कि उसने अपने चार अन्य साथियों शुभम पिता शिवाजी कोर्डे, शुभम पिता राजू वर्मा, अंकुर पिता नरेंद्र चौकसे और रोहित यादव के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया है. इसके बाद गार्ड के बताए अनुसार और मुखबिर व टेक्नीकल स्टाफ की सूचना के आधार पर पुलिस ने इन आरोपियों की घेराबंदी शुरू की.
इस दौरान पता चला कि सुपर कॉरिडोर ब्रिज के नीचे लूूट के संदिग्ध आरोपी हैं. पुलिस वहां पहुंची और उनको सामने आने को कहा. इस पर इन लोगों द्वारा पुलिस पर गोली चलाना शुरू दी. जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षार्थ फायर किया.
इसमें दो बदमाशों के पैर में गोली लगी. इनमें एक अंकुर चौकसे है जिसने लूट के दौरान महिला कैशियर से पैसे छीने थे और दूसरा शुभम कार्डे है जो लूट के दौरान बैंक में पिस्टल लहरा रहा था. घटना में तीसरा बदमाश शुभम वर्मा गिरने से घायल हुआ.
वारदात के बाद चौथा बदमाश रोहित यादव शहर छोड़ कर भाग गया था. उसे पुलिस द्वारा शिवपुरी जिले से हिरासत में लिया गया है. वह इंदौर लाया जा रहा है. इस घटना में आरोपियों के पास से 3 लाख 10 हजार नगद एवं दो पिस्टल बरामद की गई हैं.
ये अधिकारी हुए घायल
इस पूरी कार्रवाई में पुलिस टीम के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शशिकांत कनकने , नगर पुलिस अधीक्षक परदेशीपुरा निहित उपाध्याय, थाना प्रभारी परदेशीपुरा राहुल शर्मा एवं थाना प्रभारी बाणगंगा राजेन्द्र सोनी और आर 3387 मुकेश सिंह भी घायल हुए हैं.
नगद पुरस्कार दिया
इस घटना के पर्दाफाश में एडिशनल एसपी शशिकांत कनकने एवं उनकी टीम तथा टेक्निकल सेल प्रभारी एसआई श्रद्धा यादव तथा उनकी टीम का मुख्य योगदान रहा जिसके लिए आई जी ने उनकी प्रशंसा करते हुए 30000 का नगद पुरस्कार दिया है.
तीन और व्यापारी थे टारगेट पर
8 जुलाई को अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र के उषा नगर में लुटेरों ने घर की महिलाओं को बंधक बनाकर सोने चांदी के जेवरात लूट लिए थे. मामले में नौ आरोपीयों को गिरफ्तार किया है. इनकी पहचान पप्पू जाटव (40), बंटी (35), अभय तिवारी (25), शुभम शर्मा (25), राहुल (21), गोपी पारसनिया (27), तरुण (29), राजेश (48) और गोविंद ठाकुर (38) के रूप में हुई हैं.
उषा नगर की लूट के बारे में अधिकारियों ने बताया कि उषा नगर क्षेत्र की घटना में आरोपी पप्पू पिता कन्हैयालाल जाटव घटना का मास्टरमाइंड है. इसमें सगे भांजे के साथ मिलकर फरियादी के घर की रेकी की थी. बंटी पिता राधेश्याम मास्टरमाइंड का सहयोगी है, जो घटना के वक्त फरियादी की मल्टी के पास अपनी एक्टिवा के साथ आने-जाने वालों पर नजर रख रहा था.
सोनू उर्फ अभय पिता जितेंद्र तिवारी घटना को अंजाम देने मुख्य आरोपी व अन्य लोगो के घर में घुसा था. इनके साथ शुभम पिता मनोहर शर्मा, राहुल पिता नगजीराम केवट, गोपी पिता रमेश पारसनिया, तरुण उर्फ राहुल पिता भगवान सिंह और राजेश उर्फ नेपाली पिता कैलाश शिंदे मुख्य आरोपियों के साथ मल्टी में घुसे थे.
गोविंद पिता मान सिंह ठाकुर मल्टी का सिक्युरिटी गार्ड है. इसने बदमाशों को फरियादी के घर मे संपत्ति होने की सूचना दी थी. पुलिस ने आरोपियों के पास से एक देशी कट्टा, एक पिस्टल, दो चाकू ,दो सोने की चेन एक सोने का कड़ा, मंगलसूत्र ,चांदी के सिक्के ,चांदी की अंगूठी एवं 15000 नकद एवं घटना में प्रयुक्त वाहनों एवं मोबाइल्स को जप्त किया है.
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि इन्होंने तीन अलग-अलग व्यापारियों को भी टारगेट कर रखा था जिनके घर में कैश रहता है. ऐसे समय में जब घर के पुरुष घर पर न हो इन घरों में लूट करने की इनकी योजना थी जोकि विफल हो गई अगर यह पकड़े नहीं जाते तो शहर मैं इस तरह की कई अन्य घटनाएं घटित हो सकती थी.
इस गिरोह को पकडऩे में एडिशनल एसपी क्राइम ब्रांच श्री राजेश दंडोतिया एवं उनकी टीम तथा एडिशनल एसपी ज़ोन-2 मनीष खत्री एवं उनकी टीम का मुख्य योगदान रहा है. इसके लिए आईजी विवेक शर्मा ने उनको नकद पुरस्कार दिया है.
50 से अधिक टीम बनाई
दोनों ही घटनाएं अत्यंत संवेदनशील थी इसलिए आईजी विवेक शर्मा एवं डीआईजी हरिनारायण चारी मिश्र ने थाना एवं क्राइम ब्रांच की 50 से अधिक टीमों का विभिन्न कार्यों हेतु गठन किया. इस तरह की घटनाएं कारित करने वाले पुराने रिकॉर्ड वाले गुंडे बदमाशों की व्यापक चेकिंग की गई एवं उनसे पूछताछ की गई सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और फील्ड स्टाफ की मदद के लिए टेक्निकल टीम को भी इस कार्य में लगाया गया.


