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परिचय सम्मेलन में 30 रिश्ते तय, 300 ने दिया मंच से बिना संकोच परिचय
देवांग कोष्टी समाज के महाकुंभ का समापन
इंदौर। कोष्टा-कोष्टी, देवांग-देवांगन समाज के राष्ट्रीय महाकुंभ का समापन आज शाम देवांग मठ कर्नाटक के महामंडलेश्वर स्वामी दयानंद पुरी महाराज के सान्निध्य में इस संकल्प के साथ हुआ कि समाज के सभी बंधु आगामी विधानसभा चुनावों में समाज के उस प्रत्याशी का भरपूर समर्थन करेंगे, जिसे प्रमुख राजनीतिक दल अपना प्रत्याशी घोषित करेंगे, चाहे वह किसी भी दल से हो। सम्मेलन में चार सामाजिक प्रस्ताव भी पारित किए गए।
आज भी देशभर से आए समाज के प्रतिनिधियों ने राजनीतिक दलों द्वारा की जा रही समाज की उपेक्षा और अनदेखी पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। इस दौरान दोपहर बाद हुए अ.भा. परिचय सम्मेलन में 30 से अधिक रिश्तों पर मोहर लगी, वहीं मंच से 300 से अधिक युवक-युवती प्रत्याशियों ने खुलकर अपने भावी जीवनसाथी के बारे में अपना पक्ष रखा। विधायक रमेश मेंदोला ने सम्मेलन की परिचय पुस्तिका का लोकार्पण कर बाहर से आए प्रतिनिधियों का स्वागत किया।
समाज के प्रदेशाध्यक्ष कल्याण देवांग, कार्यक्रम संयोजक राजेश सिद्ध एवं युवा इकाई के अध्यक्ष गगन बाकडिया ने बताया कि आज महाकुंभ के दूसरे दिन छत्तीसगढ़ से आए मदन देवांगन, सेवकराम देवांगन, महाराष्ट्र महिला इकाई की मंजूषा ताई, गुजरात भाजपा के मीडिया प्रभारी अंबालाल कोष्टी, अहमदाबाद समाज के सचिव गोपीचंद कोष्टी, प. बंगाल के अध्यक्ष इ.वी. राजू, हैदराबाद से राजेश्वर राव एवं महाराष्ट्र, तमिलनाडू, कर्नाटक, राजस्थान एवं मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधियों ने अपनी बातें रखी।
महामंडलेश्वर स्वामी दयानंद पुरी महाराज ने कहा कि देवांग समाज एक स्वाभिमानी और मेहनतकश समाज है जिसकी उपेक्षा नहीं की जाना चाहिए। जो राजनीतिक दल केवल वोट बैंक के रूप में समाज का इस्तेमाल करते हैं उन्हें समझ लेना चाहिए कि अब यह समाज जागरूक हो गया है। उन्होंने संकेत दिए कि जबलपुर में अगले माह होने वाले वृहद सम्मेलन में इस मामले पर बड़ा निर्णय लिया जाएगा।
प्रारंभ में आयोजन समिति की ओर से राष्ट्रीय अध्यक्ष अरूण बरोड़े, आंध्रप्रदेश देवांग समाज के अध्यक्ष एम रायडू, कर्नाटक देवांग कोष्टी समाज के अध्यक्ष गिरीअप्पा, म.प्र. समाज के अध्यक्ष कल्याण देवांग एवं अन्य पदाधिकारियों ने महामंडलेश्वरजी तथा देश के 22 राज्यों से आए प्रतिनिधियों का स्वागत किया। संचालन मनीष देवांग ने किया।
इस अवसर पर कोष्टी समाज झांसीवाले के अध्यक्ष डॉ. कैलाश धकेता, देवांग कोष्टी समाज सकल पंच के अध्यक्ष शांतिलाल हेड़वे एवं कोष्टी समाज पंचायत ट्रस्ट के अध्यक्ष किशनलाल बोकरे, हरिशंकर बेरछा, मुन्नालाल परेता, पूर्व पार्षद सुशीला देवांग, आशा बाकडिया, गीता देवांग, भागवंती लिखार एवं दुर्गा निमाडिया आदि ने सभी मेहमानों को स्मृति चिन्ह भेंट किए।
महाकुंभ में पारित प्रस्तावों में समाज के युवाओं को रोजगार एवं व्यवसाय से जोड़ने, कुरीतियों के उन्मूलन की दिशा में सामूहिक विवाह एवं परिचय सम्मेलन आयोजित करने, शिक्षा स्वास्थ्य एवं रोजगार के लिए समाज स्तर पर प्रयास करने और बुनकर भाईयों की आवाज बुलंद करने के लिए शक्तिशाली समाज की स्थापना जैसे मुद्दे शामिल हैं। ये सभी प्रस्ताव संबंधित सरकारी विभागों को भी भेजने का निर्णय लिया गया।


