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एकाग्रता और आत्मविश्वास में कमी न आने दें
इन्दौर. लक्ष्य प्राप्ति में कितनी ही बाघाएं आये अपनी एकाग्रता एवं अत्मविश्वास में कमी ना आने दें एवं किसी भी घटना को प्रक्रिया समझकर सफलता की ओर अग्रसर हों तथा अपने क्षेत्र में महारत हांसिल करें.
यह बात ख्यात वक्ता डॉ. संदीप अत्रे ने कही. वे आईआईएसटी के प्रांगण में आयोजित कैरियर काउंसलिंग सेमीनार में संबोधित कर रहे थे. डॉ. अत्रे और संस्था के डायरेक्टर जनरल अरूण एस. भटनागर ने छात्रों को ‘सफलता कैसे प्राप्त करें विषय पर सम्बोधित किया.
अपने प्रेरणात्मक उद्बोधन में उन्होंने सफलता के चार सूत्र बताते हुए कहा कि सामान्य से विषिष्ट बने, काबिलियत के साथ उसे व्यक्त करने की कला सीखें, आत्मविश्वास को सजग रखें एवं शिक्षा को महत्व दें उनके अनुसार जब लक्ष्मी रूठती है तब सरस्वती काम आती है.
इसके पूर्व कार्यक्रम का आरम्भ सरस्वती पूजन एवं वक्ताओं का स्वागत प्रार्चायों डॉ वी आर रधुवीर, डॉ संजय जैन एवं डॉ मयंक सक्सेना द्वारा किया गया. छात्रों ने उत्साहपूर्वक वक्ताओं को सुना एवं अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया.
उत्साह ने खोये
डायरेक्टर जनरल अरूण एस. भटनागर ने छात्रों को सफलता के मंत्र बताते हुऐ कहा कि समर्पण, धैर्य एवं उच्च विचारों से ही लक्ष्य प्राप्ति की ओर बढ़ा जा सकता है. उन्होंने कहा कि आपका लक्ष्य निर्धारित होना चाहिए तथा उसकी प्राप्ति योजनाबद्धरूप से की जानी चाहिए, जिसके लिये अच्छे लोगो की संगत करें एवं नकारात्मक विचारों को स्थान न देते हुए आगे बढ़े. हर बाधा को पार करने के लिए उत्साह न खोयें तथा खुष रहें. शारीरिक व्यायाम, संतुलित दिनचर्या एवं व्यवहार में नम्रता ही आपकों लक्ष्य तक पंहुचाएगी. असफल होने का डर न पाले बल्कि उसके कारणों का विष्लेषण करते हुए स्वयं को सुधारने का प्रयत्न करें.


