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रवि पुष्य नक्षत्र पर करे ये खास उपाय मिलेगा धन, लाभ और यश-सम्मान
डॉ श्रद्धा सोनी, वैदिक ज्योतिषाचार्य
पुष्य नक्षत्र एक बहुत उत्तम नक्षत्र है जो 15 दिसंबर को पड़ेगा इसलिए इसका लाभ उठाना चाहिए। पुष्य नक्षत्र को सभी 27 नक्षत्रो का राजा माना गया है। यह अत्यन्त शुभ नक्षत्र है। प्रभु श्री राम का जन्म नक्षत्र होने के कारण पुष्य नक्षत्र की विशेष प्रतिष्ठा है। पुष्य नक्षत्र जब रविवार के दिन होता है, तब इसे रवि-पुष्य संयोग नाम से जाना जाता है।
इस दिन भगवान सूर्यदेव से जुडे उपाय करने से मान सम्मान प्रतिष्ठा बढ़ती है और धन लाभ भी मिलता है। जिन लोगो की कुण्डली में सूर्य नीच का हो या पीड़ित हो वह इस दिन खास उपाय करके सूर्यदेव को प्रसन्न कर सकते है।
रवि पुष्य नक्षत्र के दिन भगवान सूर्य का विधिवत तरीके से पूजन करने से भगवान सूर्य की विशेष कृपा प्राप्त होती है ।
रवि पुष्य नक्षत्र के दिन भगवान सूर्य को प्रातः जल चढाने से और आदित्य हदय स्त्रोत का पाठ करने से सूर्य को बल मिलता है, साथ ही आत्मविश्वास भी बढता है।
रवि पुष्य नक्षत्र के दिन रामायण के बालकाण्ड का पाठ करना चाहिए ऐसा करने से सूर्य ग्रह मजबूत होता है ।
रवि पुष्य नक्षत्र के दिन किसी योग्य ज्योतिष से सलाह लेकर माणिक्य रत्न सोने या तांबे की अंगूठी मे बनवाकर बीच वाली अंगुली में धारण करे।
रवि पुष्य नक्षत्र में भगवान राम दरबार की विधिवत तरीके से पूजा करने से सूर्य की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
रवि पुष्य नक्षत्र में तांबे की अंगूठी की विधिवत तरीके के पूजा करके अपनी अनामिका उंगुली में धारण करे ।
धन लाभ पाने के लिए रवि पुष्य नक्षत्र के दिन भगवान गणेश व माता लक्ष्मी का अभिषेक केसर मिले दूध से करने से धन लाभ प्राप्त होता है।
रवि पुष्य नक्षत्र के दिन 11 लघु नारियल एक साथ रखे फिर विधिवत तरीके से उनकी पूजा करे । पूजा के बाद उन्हे किसी लाल कपडे में बांधकर धन स्थान में रखने से धन संचय बढता है।
जिन लोगो की कुंण्डली में सूर्य नीच का हो उन्हे रवि पुष्य नक्षत्र में गेहूं का दान किसी ब्राहमण को करना चाहिए साथ ही यथाशक्ति दक्षिणा भी देनी चाहिए। ऐसा करने से सूर्य को बल मिलता है।


