- India Is Yet to Be Transformed: Ajay Piramal and Rajiv Kumar Engage with ICC Young Leaders Forum at ICC Centenary Book Launch
- LG Expands its Premium TV Portfolio with New Ultra Large AI TV's and Next Gen Mini LED Technology
- Whirlpool of india delivers double digit revenue growth in q1
- Support Wings Leads 'Bleed With Pride' Initiative, Empowering 170+ Women and Girls in Indore, Breaking the Silence Around Menstrual Health
- Lentra Enters Analytics Space with Acquisition of Data Harbor
डॉ. ए.के. द्विवेदी को मिली राष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
पूर्वोत्तर भारत के प्रमुख आयुष संस्थान ‘एनईआईएएच’ की वैज्ञानिक सलाहकार समिति में हुए शामिल
इंदौर। चिकित्सा एवं आयुष क्षेत्र में इंदौर का नाम एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित हुआ है। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने शहर के वरिष्ठ होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. ए.के. द्विवेदी को शिलांग (मेघालय) स्थित पूर्वोत्तर आयुर्वेद एवं होम्योपैथी संस्थान (NEIAH) की प्रतिष्ठित वैज्ञानिक सलाहकार समिति में बतौर सदस्य (होम्योपैथी विशेषज्ञ) नामित किया है।
संस्थान द्वारा 23 जनवरी 2026 को जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, आयुष मंत्रालय के निर्देशों के अनुपालन में डॉ. द्विवेदी को अगले तीन वर्षों के लिए समिति का सदस्य मनोनीत किया गया है। उल्लेखनीय है कि NEIAH, भारत सरकार के अधीन पूर्वोत्तर भारत का एकमात्र स्वायत्त आयुष संस्थान है, जहाँ एक ही परिसर में आयुर्वेद और होम्योपैथी की उच्च शिक्षा, शोध गतिविधियाँ तथा चिकित्सा सेवाएँ उपलब्ध हैं।
इस अवसर पर डॉ. ए.के. द्विवेदी ने कहा —“पूर्वोत्तर आयुर्वेद एवं होम्योपैथी संस्थान की वैज्ञानिक सलाहकार समिति का सदस्य चुना जाना मेरे लिए अत्यंत सम्मान और जिम्मेदारी का विषय है। पूर्वोत्तर भारत औषधीय संभावनाओं से समृद्ध क्षेत्र है। मेरा प्रयास रहेगा कि अपने अनुभवों के माध्यम से वहाँ शोध कार्यों को नई दिशा दे सकूँ और होम्योपैथी एवं आयुर्वेद के समन्वय से स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने में योगदान कर सकूँ। इस विश्वास के लिए मैं प्रधानमंत्री जी एवं आयुष मंत्रालय का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ।”
डॉ. द्विवेदी के मनोनयन पर श्री गुजराती समाज के पदाधिकारियों, एस.के.आर.पी. गुजराती होम्योपैथी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य, शिक्षकों एवं सहकर्मियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी। विशेषज्ञों का मानना है कि डॉ. द्विवेदी का दीर्घ अनुभव संस्थान के शैक्षणिक विकास, नीतिगत मार्गदर्शन तथा शोध गतिविधियों को और अधिक सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
गौरतलब है कि डॉ. ए.के. द्विवेदी वर्ष 2015 से केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद (CCRH), आयुष मंत्रालय में वैज्ञानिक सलाहकार बोर्ड के सदस्य के रूप में भी सेवाएँ दे रहे हैं। अप्लास्टिक एनीमिया एवं हीमैटोहाइड्रोसिस जैसी दुर्लभ एवं जटिल बीमारियों के उपचार में उनकी विशेषज्ञता के कारण देशभर से मरीज उपचार हेतु इंदौर आते हैं।
डॉ. द्विवेदी ने बताया कि उनके द्वारा पिछले 27 वर्षों से संचालित एनीमिया जागरूकता अभियान को केंद्रीय स्तर पर सराहना मिली है। इसी निरंतर जन-जागरूकता एवं सेवा कार्यों के परिणामस्वरूप भारत सरकार एवं आयुष मंत्रालय द्वारा उन्हें समय-समय पर विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि वे इस विश्वास पर खरा उतरने हेतु पूर्ण समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि यह दायित्व केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि इंदौर, मध्यप्रदेश और समूचे होम्योपैथी जगत के लिए गौरव का विषय है। इसके लिए उन्होंने इंदौर से सांसद श्री शंकर लालवानी जी का भी साधुवाद ज्ञापित किया, जिनके सहयोग और प्रोत्साहन से जनहित के अभियान निरंतर आगे बढ़ते हैं।
डॉ. द्विवेदी ने जानकारी दी कि इंदौर में इस वर्ष भी एनीमिया जागरूकता अभियान का आयोजन दिनांक 22 फरवरी (रविवार) से 1 मार्च (रविवार) तक किया जाएगा। इस अभियान में मुख्य सहयोगी के रूप में सांसद सेवा प्रकल्प भी साथ रहेगा। यह जनहितकारी अभियान आयुष मेडिकल वेलफेयर फाउंडेशन, एडवांस्ड होम्योपैथी सोसायटी तथा सेहत एवं सूरत के सौजन्य से प्रतिवर्ष संचालित किया जाता है, जिसमें प्रशिक्षित टीम द्वारा घर-घर जाकर लोगों को एनीमिया के लक्षण, रोकथाम तथा घरेलू पोषण आधारित खान-पान संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी जाती है, जिससे शरीर में रक्तवृद्धि हेतु स्वस्थ आदतों को अपनाया जा सके।


