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यदि हम ना भी बोलें तब भी साईं हमारे मन की बात जान लेते हैं : तुषार दल्वी
मुम्बई. साईं बाबा की सीख प्रेम, क्षमा, दूसरों की मदद, परोपकार, संतोष, मन की शांति और ईश्वर की भक्ति का नैतिक मार्ग दिखाती है।
एक्टर तुषार दल्वी, सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन के बेहद सराहे गए शो ‘मेरे साईं’ में साईं बाबा का जीवंत चित्रण करके दर्शकों को प्रभावित कर रहे हैं। यह शो हमेशा से दर्शकों का फेवरेट रहा है क्योंकि यह ऐसे विषयों को दिखाता है, जो दर्शकों से जुड़ जाते हैं।
इस शो का आगामी ट्रैक शिक्षा का महत्व बताता है और लोगों को यह समझाता है कि दुनिया को बदलने के लिए शिक्षा को एक प्रभावी शस्त्र के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।
इस बारे में अपने विचार बताते हुए तुषार दल्वी ने कहा, “मैं साईं बाबा का बड़ा भक्त हूं और मैं कई बार शिर्डी जा चुका हूं। इतना ही नहीं, मेरी मां के परिवार वाले भी साईं बाबा के परम भक्त हैं। हम सभी यह मानते हैं कि साईं वो जान लेते हैं, जो भक्त अक्सर नहीं बोल पाते।
वर्तमान ट्रैक में भी साईं राधा की भावनाएं समझ लेते हैं और उसे उसकी उलझन से निकालने में मदद करते हैं। इसके बाद साईं उसे यह समझाते हैं कि यदि आपके इरादे नेक हों, तो आपके साथ कुछ भी गलत नहीं हो सकता।
उन्होंने आगे कहा, “इसीलिए ही आज दुनिया भर में साईं बाबा को पूजा जाता है। नश्वर वस्तुओं से उन्हें कोई लगाव नहीं था और वो सिर्फ आत्म-अनुभूति में यकीन रखते थे। लोग उनका आशीर्वाद लेते हैं और यह मानते हैं कि यदि वे सच्चे मन और पूरी श्रद्धा के साथ प्रार्थना करेंगे, तो उनकी सभी मुश्किलें दूर हो जाएंगी। यह रोल निभाते हुए मैं खुद को खुशनसीब मानता हूं, जो दर्शकों को जीवन की इतनी अनमोल सीख देता है।”
इस शो के वर्तमान ट्रैक में साईं बाबा की सहायता और आशीर्वाद से राधा सभी को यह समझाती है कि एक सही वर या वधु ढूंढने की बात हो तो शिक्षा कभी इस बात के आड़े नहीं आ सकती।


