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स्वस्थ शरीर को रोजाना 150 माइक्रोग्रामम आयोडीन की आवश्यकता: डॉ. अग्रवाल
इन्दौर. देश में 23 प्रतिशत लोग आयोडीन डेफिसेन्सी की कमी से जूझ रहे हैं, यानि उनके शरीर में आयोडीन की पर्याप्त मात्रा नहीं है. ऐसे लोगों के लिए सरकार ने आयोडीन डेफिसेन्सी डिसआर्डर कंट्रोल प्रोग्राम चला रखा है. इसके तहत जिन्हें आयोडीन की कमी है उन्हें आयोडाइड नमक खिलाया जाता है.
एक व्यक्ति को औसतन रोजाना 150 माइक्रोग्राम आयोडीन की आवश्यकता होती है और जब उसे पर्याप्त आयोडीन नहीं मिलता है तो उसे हाइपोथाइराइड, थाईराक्सीन और झींगा जैसी बीमारियां हो जाती है. इसके चलते व्यक्ति मानसिक रूप से विकलांगता का शिकार बन जाता है या उनके शरीर में कैंसर गठान की संभावना बढ़ जाती है.
यह बात थायराईड एवं हार्मोंस विशेषज्ञ डॉ. राजेश अग्रवाल ने विश्व आयोडीन दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कही. उन्होंने बताया कि आयोडीन की कमी से होने वाली बीमारियां ऐसी है जो व्यक्ति को बड़ा नुकसान पहुंचाती है. अत: हर व्यक्ति को आयोडीन का सेवन रोजाना करना चाहिए. आयोडीन की कमी खासकर ऐसे लोगों को अधिक होती है जो पहाड़ी या ऊंचे इलाके में रहते हैं.
आयोडीन की कमी से थाईराइड, थाईराक्सीन, हार्मोंस की कमी हो जाती है, साथ ही गले में गठान और जन्नांगों में विकृति आ जाती है. डॉ. राजेश अग्रवाल ने बताया कि साधारण नमक में आयोडीन की मात्रा पर्याप्त नहीं होने के कारण हमे आयोडाइज नमक का सेवन करना चाहिए. संभव हो तो बने हुए भोजन में ऊपर से आयोडाइज नमक डालकर भोजन ग्रहण करना चाहिए, क्योंकि कई बार भोजन या सब्जी में आयोडाइज नमक डालने से वह अधिक प्रभावकारी नहीं होता है.


