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फिर उपेक्षा हुई तो 5 करोड़ देवांग-कोष्टी बंधु चुप नहीं बैठंगे
सभी राजनीतिक दलों को खुले मंच से चेतावनी
इंदौर। कोष्टा-कोष्टी, देवांग-देवांगन समाज के राष्ट्रीय महाकुंभ में आज शाम देश के विभिन्न राज्यों से आए समाज के पदाधिकारियों ने देवागं मठ बेंगलुरू के महामंडलेश्वर स्वामी दयानंद पुरी के सानिध्य में सभी राजनैतिक दलों को आड़े हाथों लेते हुए खुले मंच से चेतावनी दी है कि यदि आगामी विधानसभा चुनाव में समाज के दावेदारों को उचित अवसर नहीं दिया गया तो बरसों से अपनी उपेक्षा सहन करते आ रहे देश के पांच करोड़ और म.प्र. के 50 लाख समाज बंधु ‘कठोर निर्णय‘ लेने पर मजबूर होंगे।
समाजिक संगोष्ठी में अधिकांश वक्ताओं ने इस बार अपनी उपेक्षा के गंभीर परिणाम भुगतने के संकेत देते हुए सभी राजनैतिक दलों को आगाह किया कि समाज बाहुल्य विधानसभा क्षेत्रों में समाज के योग्य उम्मीदवारों को मौका नहीं दिया गया तो समाज बंधु चुप नहीं बैठेंगे। इसके पूर्व मालवा मिल चौराहा स्थित चंद्रगुप्त परिसर से परदेशीपुरा चौराहा स्थित गोकुलधाम तक भव्य कलश यात्रा के साथ दो दिवसीय महाकुंभ का शुभारंभ हुआ। रविवार को महाकुभ के दूसरे दिन विभिन्न प्रस्ताव पारित होंगे तथा अ.भा. परिचय सम्मेलन भी होगा।
गोकुलधाम पर बने विशाल शामियाने में सुसज्जित मंच से देवांग मठ बेंगलुरू के महामंडलेश्वर स्वामी दयानंद पुरी महाराज ने भी इस महाकुंभ में राजनीति से जुड़े समाज के योग्य उम्मीदवारों को समुचित अवसर देने और उपेक्षा की स्थिति में कठोर निर्णय लेने के संकेंत दिए। इस मुद्दे पर अगले माह जबलपुर में होने वाले समाज के वृहद अधिवेशन में अगली रणनीति तय की जाएगी।
संगोष्ठी में देवांग-देवांगन कोष्टा-कोष्टी फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरूण बरोड़े, फेडरेशन के राष्ट्रीय सचिव कोटलग्गी शिवप्पा, गुजरात भाजपा के मीडिया प्रभारी अंबालाल कोष्टी, महाराष्ट्र समाज के अध्यक्ष पंडित राव इदाते, आंध्रप्रदेश देवांग समाज के अध्यक्ष एम रायडू, हैदराबाद के राजेश्वर राव, कर्नाटक देवांग कोष्टी समाज के अध्यक्ष गिरी अप्पा, पश्चिम बंगाल इकाई के सचिव ईवी राजू, तमिलनाडू समाज के सचिव पीके जगन्नाथ, उड़िसा देवांग समाज के अध्यक्ष टी गोपी, गोवा कोष्टा कोष्टी समाज के सचिव वायएच गड्डाणकेरी, छत्तीसगढ़ के वीमल देवांगन एवं मदन देवांगन तथा उत्तरप्रदेश के राजेश कोष्टा सहित देश के 20 राज्यों से आए समाज के प्रतिनिधि उपस्थित थे जिन्होने एक मत से आवाज उठाई कि अब तक के प्रत्येक चुनाव में हमारे समाज बंधुओं ने भाजपा कांग्रेस सहित सभी राजनीतिक दलों के लिए तन मन और धन से सहयोग दिया है।
किसी ने दरी बिछाई तो किसी ने कुर्सियां, किसी ने पर्चिया बांटी तो किसी ने बूथ स्तर पर पसीना बहाया है। अब जब टिकट बांटने की बारी आती है तो फायदा दूसरे लोग उठा ले जाते हैं लेकिन अब यह समाज जाग उठा है। अब समाज की उपेक्षा सहन नहीं होगी और कोई भी राजनैतिक दल हो, कठोर निर्णय के लिए तैयार रहे। अगली रणनीति अगले माह जबलपुर में तय होगी।
प्रारंभ में समाज के प्रदेशाध्यक्ष कल्याण देवांग, संयोजक राजेश सिद्ध, शोभायात्रा संयोजक गगन बाकड़िया, कोष्टी समाज झांसीवाले के अध्यक्ष डॉ. कैलाश धकेता, देवांग कोष्टी समाज सकल पंच के अध्यक्ष शांतिलाल हेड़वे एवं कोष्टी समाज पंचायत ट्रस्ट के अध्यक्ष किशनलाल बोकरे, हरिशंकर बेरछा, मुन्नालाल परेता, पूर्व पार्षद सुशीला देवांग, आशा बाकडिया, गीता देवांग, भागवंती लिखार एवं दुर्गा निमाडिया आदि ने सभी मेहमानों का स्वागत किया। महाराष्ट्र एवं गुजरात से 300 से अधिक प्रतिनिधि आए हैं।
भव्य कलश यात्रा निकली
शहर में पहली बार आयोजित इस महाकुंभ का शुभारंभ आज दोपहर मालवामील चौराहा स्थित चंद्रगुप्त परिसर से भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। कलश यात्रा में मंगल कलशधारी 1008 महिलाएं बैंड बाजों और ढोल नगाड़ो तथा गरबा एवं भजन मंडलियों सहित शामिल हुई। समाज के पांच हजार से अधिक पुरूष एवं इतनी ही महिलाएं परंपरागत परिधान में जब मालवा मील चौराहा से पाटनीपुरा, सांई मंदिर नंदानगर, तीनपुलिया होते हुए परदेशीपुरा चौराहा स्थित गोकुलधाम परिसर पहुंचे तो मार्ग में 15 स्वागत मंचों से हुई पुष्प वर्षा ने देश भर से आए समाज बंधुओं का दिल जीत लिया। देवांग मठ के महामंडलेश्वर स्वामी दयानंद पुरी एवं अन्य संत गण भी कलश यात्रा में खुले रथ पर सवार थे। बुनकर के मूल पेशे के अनुरूप दो झांकिया भी कलश यात्रा में आकर्षण का केंद्र बनी रही। गले में केशरिया दुपट्टे डाले युवक युवतियों के समूह नृत्य करते हुए चल रहे थे। कलश यात्रा परदेशीपुरा चौराहा स्थित गोकुल धाम पहुंची जहां संध्या को महाकुभ का आगाज सामाजिक संगोष्ठी के साथ हुआ। रविवार को भी विभिन्न प्रस्ताव पारित कर सभी राजनीतिक दलों को भेजे जाएंगे और उनसे समाज के योग्य और सक्रिय नेताओं को टिकट देने की मांग की जाएगी। रविवार को सुबह 11 बजे से अ.भा. परिचय सम्मेलन गोकुलधाम परिसर पर प्रारंभ होगा। इस अवसर पर समाज एवं परिचय सम्मेलन की पत्रिका का लोकार्पण भी होगा।


