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इंडियन कोल मार्केट्स सम्मेलन 2026 का शुभारंभ, कोयला विनिमय मंच पर केंद्रित रही कोयला क्षेत्र में बदलाव की चर्चा
कोलकाता, 25 फरवरी 2026: एमजंक्शन सर्विसेज लिमिटेड द्वारा आयोजित 19वां इंडियन कोल मार्केट्स सम्मेलन 2026 का आज शुभारंभ हुआ। “कोलोसियम: द कोल बैटलग्राउंड” विषय पर आधारित इस दो दिवसीय सम्मेलन में नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों, खनन कंपनियों, विद्युत उत्पादकों, परिवहन एवं आपूर्ति क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों तथा वैश्विक बाजार विशेषज्ञों ने भारत के कोयला क्षेत्र के भविष्य पर विस्तृत विचार-विमर्श किया।
कोल इंडिया लिमिटेड के सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी विभाग के कार्यकारी निदेशक वी. एस. महाराज ने कहा कि कोल इंडिया, कोयला विनिमय मंच के माध्यम से कोयले की बिक्री को चरणबद्ध तरीके से शुरू करने के पक्ष में है। उन्होंने कहा, “हम सुधारों के विरोधी नहीं बल्कि सुधारों के समर्थक हैं। हम आधुनिकीकरण का समर्थन करते हैं, लेकिन सुधार संतुलित, चरणबद्ध और राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा के अनुरूप होने चाहिए।”
ग्रांट थॉर्नटन भारत के साझेदार नीलाद्रि भट्टाचार्य का मानना है कि कोयला विनिमय मंच तब अधिक सफल होगा जब बाजार में कोयले की आपूर्ति पर्याप्त या अधिशेष स्थिति में होगी। उन्होंने कहा, “कोयले की अधिशेष स्थिति इस मंच के लिए सकारात्मक होगी। इससे बाजार लेनदेन शुल्क के बावजूद कीमतें नियंत्रण में रहेंगी और बाजार धीरे-धीरे अपने वर्तमान प्रत्यक्ष उपभोक्ता आधारित स्वरूप से आगे बढ़ेगा।”
भट्टाचार्य और महाराज दोनों का मानना है कि इस मंच पर होने वाले कारोबार के दौरान कीमतें अपेक्षाकृत निम्न स्तर पर स्थिर हो सकती हैं।
सम्मेलन की वर्तमान स्थिति पर प्रकाश डालते हुए एमजंक्शन सर्विसेज लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनया वर्मा ने कहा, “एक ओर तेज आर्थिक विकास और बढ़ती ऊर्जा मांग है, वहीं दूसरी ओर ऊर्जा परिवर्तन, स्थिरता और कार्बन उत्सर्जन में कमी के प्रति हमारी प्रतिबद्धता है। इन दोनों के बीच कोयला है—जो आज भी अपरिहार्य है, लेकिन सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, जलविद्युत और यहां तक कि परमाणु ऊर्जा जैसी अन्य प्रतिस्पर्धी ऊर्जा स्रोतों के बीच अपनी जगह बनाए रखने के लिए निरंतर संघर्ष कर रहा है।”
उन्होंने यह भी कहा कि ऊर्जा का स्रोत कोयला हो या पुनर्नवीकरणीय ऊर्जा, बिजली की लागत किफायती होना बेहद आवश्यक है। महाराष्ट्र राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी (महाजेनको) के ईंधन विभाग के कार्यकारी निदेशक पंकज सपाटे ने कहा, “हमारे विद्युत शुल्क प्रतिस्पर्धी होने चाहिए। डेटा केंद्रों को ऊर्जा प्रदान करने के लिए बिजली केवल हरित ही नहीं बल्कि किफायती भी होनी चाहिए।”
पुनर्नवीकरणीय ऊर्जा के तेज विस्तार के बावजूद कोयला अब भी विश्वसनीय, किफायती और चौबीसों घंटे उपलब्ध ऊर्जा स्रोत बना हुआ है तथा भारत की ऊर्जा सुरक्षा की रीढ़ है, ऐसा आदानी पावर लिमिटेड के ईंधन प्रबंधन विभाग के उपाध्यक्ष राज बंधु संतोष ने कहा।
दिनभर आयोजित सत्रों में विद्युत, सीमेंट और स्पंज आयरन जैसे उद्योगों में मांग के रुझानों का आकलन किया गया।
दो दिवसीय इस आयोजन में परिवहन एवं आपूर्ति से जुड़ी चुनौतियों, खनन प्रौद्योगिकी, टिकाऊ उपकरणों के उपयोग और परिचालन नवाचारों पर भी चर्चा की जाएगी। सम्मेलन का समापन आपसी संवाद सत्रों और आईसीएमसी पुरस्कार समारोह के साथ होगा।


