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मध्य प्रदेश में पर्यटन के वैश्विक परिप्रेक्ष्य कार्यक्रम में मंत्री जी से मुलाकात, क्षेत्रीय सिनेमा के विकास हेतु सौंपा ज्ञापन
इंदौर, जून, 2026: “मध्य प्रदेश में पर्यटन के वैश्विक परिप्रेक्ष्य” विषय पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान मालवा टॉकीज़ के निदेशक राजेंद्र राठौड़ ने मध्य प्रदेश शासन के पर्यटन, संस्कृति एवं धार्मिक न्यास मंत्री धर्मेंद्र भाऊ लोधी से सौजन्य भेंट कर प्रदेश में क्षेत्रीय सिनेमा के विकास तथा फिल्म अनुदान नीति के सरलीकरण एवं संशोधन संबंधी ज्ञापन सौंपा।
राजेंद्र राठौड़ ने मंत्री जी को अवगत कराया कि मध्य प्रदेश की समृद्ध संस्कृति, लोककला, ऐतिहासिक धरोहर, धार्मिक आस्था एवं पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए क्षेत्रीय सिनेमा का विकास अत्यंत आवश्यक है। मालवी, निमाड़ी, बुंदेली, बघेली, गोंडी तथा अन्य स्थानीय भाषाओं में बनने वाली फिल्में प्रदेश की संस्कृति, परंपराओं और पर्यटन स्थलों को विश्व स्तर पर प्रचारित करने का सशक्त माध्यम बन सकती हैं।
ज्ञापन में माँग की गई कि मध्य प्रदेश की फिल्म नीति में आवश्यक संशोधन कर क्षेत्रीय फिल्मों के लिए अनुदान प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी एवं व्यावहारिक बनाया जाए। साथ ही, अन्य राज्यों की तर्ज पर प्रत्यक्ष अनुदान व्यवस्था लागू की जाए, जिससे स्थानीय फिल्म निर्माताओं को प्रोत्साहन मिल सके और प्रदेश में अधिक से अधिक क्षेत्रीय फिल्में निर्मित हो सके।
राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि क्षेत्रीय सिनेमा केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह प्रदेश की संस्कृति, लोककलाओं, ऐतिहासिक धरोहरों और पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने का प्रभावी साधन है। क्षेत्रीय फिल्मों के माध्यम से मध्य प्रदेश के पर्यटन को नई गति मिल सकती है तथा स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
ज्ञापन में सिंगल विंडो क्लीयरेंस व्यवस्था, शूटिंग सुविधाओं का विस्तार, स्थानीय कलाकारों एवं तकनीशियनों को प्राथमिकता, क्षेत्रीय फिल्मों के लिए विशेष प्रोत्साहन तथा फिल्म निर्माण संबंधी प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ करने की माँग भी की गई।
इस अवसर पर यह भी निर्णय लिया गया कि मध्य प्रदेश के फिल्म निर्माता, निर्देशक एवं सिनेमा जगत से जुड़े प्रतिनिधि शीघ्र ही माननीय मुख्यमंत्री जी एवं माननीय पर्यटन मंत्री से भेंट कर प्रदेश में क्षेत्रीय सिनेमा के विकास, फिल्म नीति में आवश्यक सुधार एवं स्थानीय फिल्म उद्योग को प्रोत्साहन देने के विषय पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित करेंगे। इस कार्यक्रम में प्रदेशभर के फिल्म निर्माताओं, निर्देशकों, कलाकारों, तकनीशियनों एवं सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाएगा, ताकि क्षेत्रीय सिनेमा को सशक्त बनाने के लिए एक ठोस कार्ययोजना तैयार की जा सके।
मालवा टॉकीज़ का मानना है कि यदि प्रदेश सरकार क्षेत्रीय सिनेमा को प्रोत्साहित करने के लिए सकारात्मक कदम उठाती है, तो मध्य प्रदेश आने वाले वर्षों में क्षेत्रीय फिल्म निर्माण का एक प्रमुख केंद्र बन सकता है। इससे न सिर्फ प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान मजबूत होगी, बल्कि पर्यटन, रोजगार और निवेश के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।


