- इंदौर पिंक पैंथर्स मध्य प्रदेश लीग (MPL) T20-2026 में चैंपियन बनने के लक्ष्य के साथ उतरने को तैयार; टीम ने अपनी सोच और तैयारियों का रोडमैप साझा किया
- द क्रश कॉफी पर अब होगा खास संडे ब्रन्च
- जल, जीवन और जमीन के संरक्षण के लिए वृक्षारोपण आवश्यक : डॉ. ए.के. द्विवेदी
- Triptii Dimri Dives into Comedy with Maa Behen! A Full-Blown Comedy Caper Coming Up Next?
- The Rise of Ram Charan as Indian Cinema’s Complete Hero
यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिये नवलखा, खजराना एवं भवरकुंआ चौराहों का होगा विकास
चौराहों के विकास में आने वाली बाधाएं होंगी शीघ्र दूर, समीक्षा बैठक सम्पन्न
इंदौर. इंदौर शहर में यातायात व्यवस्था को सुगम एवं बेहतर बनाने के लिये नवलखा, खजराना एवं भवरकुंआ चौराहों का विकास किया जायेगा। चौराहों के विकास में आने वाली बाधाओं को शीघ्र दूर किया जायेगा। विशेषकर भवरकुंआ चौराहे के विकास में आ रही समस्याओं के निराकरण के लिये आज देवी अहिल्या विश्वविद्यालय की कुलपति श्रीमती रेनु जैन से चर्चा कर विभिन्न मुद्दों पर सैद्धांतिक सहमति हुई।
बैठक में सांसद श्री शंकर लालवानी, कलेक्टर श्री मनीष सिंह, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय की कुलपति श्रीमती रेनु जैन, नगर निगम आयुक्त सुश्री प्रतिभा पाल सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे। बैठक में सांसद श्री शंकर लालवानी ने बताया कि शहर के यातायात को सुगम और बेहतर बनाने के लिये लगातार प्रयास किये जा रहे है। इसी सिलसिले में विगत दिनों एक बैठक लेकर विभिन्न विभागों को दायित्व दिये गये थे। विभागों द्वारा अपने स्तर पर भी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि शहर में जल्द ही नवलखा, खजराना एवं भवरकुंआ चौराहों के लेफ्ट टर्न को चौड़ा करने तथा विकास के अन्य कार्य कराये जायेंगे। इसके लिये आने वाली समस्याओं का निराकरण भी आम सहमति से किया जा रहा है।
बैठक में कलेक्टर श्री मनीष सिंह ने बताया कि भवरकुंआ चौराहे के विकास के लिये मंदिर को पिछे शिफ्ट करना है। भवरकुंआ थाने के लिये भी नया भवन बनाया जाना है। थाने के नये भवन की 15 हजार वर्ग फीट जमीन के संबंध में राज्य शासन द्वारा पूर्व में ही स्वीकृति दी गई थी। आज बैठक में कुलपति श्रीमती रेनु जैन ने भवरकुंआ चौराहे के मंदिर को पीछे शिफ्ट करने और थाने के नये भवन के लिये जमीन देने के संबंध में सैद्धांतिक सहमति दी। बैठक में कलेक्टर श्री मनीष सिंह ने बताया कि देवी अहिल्या विश्वविद्यालय को अपने संस्थान के विस्तार के लिये सिम्बॉयसिस के पास 25 से 40 एकड़ जमीन दी जा रही है। इस संबंध में अभी सीमांकन कराया जा रहा है। कलेक्टर श्री मनीष सिंह ने भवरकुंआ स्थित विश्वविद्यालय की जमीन पर पानी की टंकी बनाये जाने के संबंध में भी कुलपति से चर्चा की।


