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नवरात्र आज से, घोड़े पर सवार होकर आएगी मां
इंदौर. नवरात्र में माँ घोड़े पर सवार हो आएगी व भैसें पर सवार हो जाएगी. संहिता गर्न्थो की माने तो घोड़ा युद्ध व भैंसा रोग व जन कष्ट के संकेत देता है. नववर्ष विक्रम 2079 का राजा शनि व मंत्री गुरू होंगे. अप्रैल माह में सभी नवग्रह राशि परिवर्तन करेंगे.
यह बात भारद्वाज ज्योतिष एवं आध्यात्मिक शोध संस्थान के शोध निदेशक, आचार्य पण्डित रामचंद्र शर्मा वैदिक ने कही. उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष भारतीय नववर्ष का आरम्भ शनि वार से हो रहा है अतः वर्ष का राजा शनि होगा। चैत्र (राम) नवरात्र पूरे नौ दिनों के होंगे. 2 अप्रैल गुड़ी पड़वा से 10 अप्रैल रामनवमी तक माँ शैलपुत्री से सिद्धिदात्री तक नवदुर्गाओं की पूजा अर्चना होगी. चैत्र नवरात्रि का आरम्भ तीन प्रमुख राजयोगों सरल,सतकीर्ती व वेशि महायोग में रेवती नक्षत्र, ऐन्द्र योग ,बृहस्पति प्रधान मीन राशि के चन्द्रमा में शनिवार को हो रहा है. इस वर्ष नवरात्र पूरे नो दिनों के है.
3 अप्रैल को मत्स्य जयंती,4 अप्रैल को गौरी तृतीया ( गणगौर ),5 अप्रैल को अंगारक चतुर्थी, 6 अप्रैल को श्री पचंमी,7 अप्रैल को स्कंद षष्ठी, 9 अप्रैल को श्री दुर्गा अष्टमी व 10 अप्रैल को रविपुष्य, सर्वार्थसिद्धि महायोग में श्री रामनवमी के साथ नवरात्र का समापन होगा. आचार्य राम चन्द्र शर्मा वैदिक ने बताया कि नवरात्र का आरम्भ जब शनिवार से होता है तो माँ का आगमन घोड़े पर होता है, समापन जब रविवार को होता है तो बिदाई भैंसे पर होती है. संहिता गर्न्थो की माने तो घोड़ा युद्ध व भैंसा रोग व जन कष्ट के संकेत देता है.
घट स्थापन ब्रह्म मुहूर्त में शुभ
आचार्य शर्मा ने बताया कि चैत्र नवरात्र में घटस्थापना ब्रह्म मुहूर्त में शुभ रहेगी. प्रतिदिन वृद्धि क्रम से नवदुर्गाओं को लाल गुलाब के पुष्प अर्पित करे. रामचरित मानस का पाठ;दुर्गा सप्तशती का पाठ ,नवार्ण मन्त्र जाप व रामरक्षा स्तोत्र के पाठ से मनोकामना पूर्ती होती है. गुड़ीपड़वा पर अपने अपने घरों में केशरिया ध्वजा अवश्य लगाए व स्वास्थ्य लाभ हेतु नीम की कच्ची कोपलों का सेवन करें.
वर्षों बाद दुर्लभ संयोग
आचार्य शर्मा वैदिक ने बताया कि नएवर्ष के श्रीगणेश में मंगल, राहु केतु अपनी उच्च राशि में व शनि अपनी स्वयं की राशी में गोचर करेंगे. यह ग्रहों का दुर्लभ संयोग वर्षों वर्ष बाद निर्मित हो रहा है, जो देश दुनिया में भारत का मान सम्मान बढ़ाने वाला होगा.
सभी ग्रह करेंगे राशि परिवर्तन
आचार्य शर्मा ने बताया कि अप्रैल 2022 नव ग्रहों के राशिपरिवर्तन के नाम रहेगा. 7 अप्रैल को मंगल कुम्भ में14 अप्रैल को सूर्य मेष में 8 अप्रैल को बुध मेष में 13 अप्रैल को देवराज गुरु अपनी उच्च राशि मीन मेशुक्र 27 अप्रैल को मीन में व राहु व केतु मध्यमगति से 12 अप्रैल को मेष व तुला में प्रवेश करेंगे. चन्द्रमा सवा दो दिन में राशि परिवर्तन करता है. इस प्रकार अप्रैल माह ग्रहों के राशि परिवर्तन के नाम रहेगा.


