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कभी ऐसा वक्त ना आए, जब एक औरत को अपने बच्चों और पति में से किसी एक को चुनना पड़े : सुचिता त्रिवेदी
मुम्बई : एक औरत के लिए तब बड़ी मुश्किल स्थिति होती है, जब उसके सामने एक तरफ अपने बच्चों के लिए ममता और प्यार होता है और दूसरी तरफ हमेशा अपने पति का साथ देने की चाहत। उसके लिए वो बहुत नाजुक दौर होता है, जब वो इन दोनों के बीच बंट जाती है।
सोनी टीवी के शो इंडियावाली मां के वर्तमान ट्रैक में इसी तरह के मुश्किल हालात दिखाए जा रहे हैं। काकू के रोल में सुचिता त्रिवेदी एक संपूर्ण औरत, एक प्यार करने वाली मां और एक साथ देने वाली पत्नी का प्रतीक हैं।
हालांकि काकू ने अब तक एक मां और एक पत्नी के रूप में अपना कर्तव्य बखूबी निभाया है, लेकिन अब वो एक उलझन में फंस गई हैं, जहां बाप और बेटे के बीच मतभेद पैदा हो गए हैं। काकू उन दोनों को शांत करने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन वो अब तक नाकाम रही हैं।
इस उलझन को लेकर अपने विचार बताते हुए सुचिता त्रिवेदी ने कहा, “मैं चाहती हूं कि किसी भी औरत के सामने अपनी जिंदगी के दो अज़ीज़ लोगों में से किसी एक को चुनने की स्थिति कभी ना आए। यह बड़ी संवेदनशील स्थिति होती है। आखिर कैसे एक रिश्ते को चुनें और दूसरे को जाने दें? म
ुझे लगता है कि मेरे लिए यह अब तक का सबसे मुश्किल सीक्वेंस था। मैं काकू का दुख-दर्द महसूस कर सकती थी। हालांकि काकू हमेशा सही चुनाव करती हैं और इस बार भी वे सही चुनाव करेंगी और बाप-बेटे के बीच सबकुछ ठीक कर देंगी।“
इस शो के वर्तमान ट्रैक में दिखाया जा रहा है कि रोहन का फैशन शो बहुत सफल होता है और सभी लोग काफी खुश हैं। लेकिन फिर रोहन को पता चलता है कि उसके पिता हंसमुख ने इस प्रोजेक्ट में उसकी मदद की थी और ऐसे में वो खुद को ठगा-सा महसूस करता है। वो खुद को नाकाम साबित करने के लिए हंसमुख को दोषी ठहराता है। क्या काकू इन दोनों को मिला पाएगी?


