राष्ट्रीय डेंगू दिवस पर डॉ. ए.के. द्विवेदी ने किया जागरूकता का आह्वान, बचाव के साथ होम्योपैथी चिकित्सा अपनाने की दी सलाह

इंदौर। राष्ट्रीय डेंगू दिवस के अवसर पर प्रसिद्ध होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. ए.के. द्विवेदी ने आमजन से डेंगू के प्रति जागरूक रहने, समय पर बचाव के उपाय अपनाने तथा रोग की रोकथाम एवं उपचार हेतु होम्योपैथी चिकित्सा का सहयोग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि डेंगू एक गंभीर वायरल बीमारी है, लेकिन समय रहते सावधानी और उचित चिकित्सा से इसके दुष्प्रभावों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

डॉ. द्विवेदी ने लोगों को सलाह दी कि घरों के आसपास पानी जमा न होने दें, कूलर, गमले, टंकियों और खुले पात्रों की नियमित सफाई करें। पूर्ण बाजू के कपड़े पहनें, मच्छरदानी का उपयोग करें तथा मच्छरों से बचाव के लिए आवश्यक उपाय अपनाएं। उन्होंने बताया कि जागरूकता ही डेंगू से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है।

उन्होंने कहा कि डेंगू में मरीजों को बुखार, कमजोरी, शरीर दर्द, सिरदर्द, प्लेटलेट्स में कमी सहित कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे समय में लक्षणों के आधार पर होम्योपैथी चिकित्सा सहायक भूमिका निभा सकती है। डॉ. द्विवेदी ने बताया कि मरीजों को पौष्टिक भोजन लेना चाहिए तथा गुड़-चना और सत्तू के सेवन की भी सलाह दी जाती है, जिससे शरीर को ऊर्जा मिलती है और मरीजों को शीघ्र राहत अनुभव होती है।

डॉ. ए.के. द्विवेदी गुजराती होम्योपैथी चिकित्सा महाविद्यालय, इंदौर के फिजियोलॉजी विभाग में प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष हैं तथा एडवांस्ड होम्यो हेल्थ सेंटर, इंदौर के फाउंडर चेयरमैन हैं। पिछले तीन दशकों से वे प्लेटलेट्स संबंधी समस्याओं वाले मरीजों के उपचार के लिए पूरे देश में जाने जाते हैं। अप्लास्टिक एनीमिया सहित गंभीर रोगों के मरीज देशभर से इंदौर पहुंचते हैं और होम्योपैथी चिकित्सा से लाभान्वित हो रहे हैं। इसी प्रकार डेंगू के मरीजों में भी सभी लक्षणों को नियंत्रित करने तथा प्लेटलेट्स स्तर में सुधार के लिए एडवांस्ड होम्योपैथी चिकित्सा कारगर सिद्ध हो रही है।

उल्लेखनीय है कि डॉ. ए.के. द्विवेदी वर्ष 2015 से आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत सीसीआरएच की विभिन्न गतिविधियों से सदस्य के रूप में जुड़े रहे हैं तथा स्वास्थ्य जागरूकता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

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