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प्रेस्टीज की छात्रा द्वारा निर्देशित लघु फिल्म `नित्या’ का चयन अमेरिका के “फर्स्ट टाइम फिल्ममेकर सेशन 2019” फिल्म फेस्टिवल में
इंदौर। प्रेस्टीज इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च के डिपार्टमेंट ऑफ मास कम्युनिकेशन की छात्रा के निर्देशन में बनाई गई लघु फिल्म ‘नित्या’ का चयन अमेरिका के ‘फर्स्ट टाइम फ़िल्म मेकर 2019’ फ़िल्म फेस्टिवल के लिए किया गया है।
प्रेस्टिज मीडिया प्रोडक्शन की बैनर तले बनाई गई फिल्म ‘नित्या’ कहानी है एक सफल बिजनेसमैन की, जिसने अपने काम की वजह से अपने अतीत, अपने खुशमिज़ाज जीवन और अपने प्यार को छोड़ दिया।
15 मिनट के इस लघु फिल्म का लेखन एवं निर्देशन प्रेस्टीज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च के डिपार्टमेंट ऑफ मास कम्युनिकेशन की प्रथम वर्ष की छात्रा मानसी दुबे ने किया है तथा फिल्म के महिला पात्र `नित्या’ की भूमिका प्रेस्टिज संस्थान की बी बी ए की प्रथम वर्ष की छात्रा दिशा गुप्ता ने निभाई है, वहीँ प्रेस्टिज शिक्षण संस्थान के पूर्व छात्र दीपेश सेजवानी ने फ़िल्म के मुख्य पुरुष पात्र `निशांत’ की भूमिका निभाई है।
मानसी जिसकी फिल्म `नित्या’ उसके निर्देशन में बनी उसकी दूसरी फिल्म है, ने कहा कि यह फ़िल्म एक सफल व्यवसायी निशांत के कश्मकश भरे जीवन पर आधारित है जिसकी एक दिन अचानक नित्या नाम की लडक़ी से मुलाक़ात होती है, जो उसे उसके बिखरे हुए सपनों और आत्मप्रेम का रास्ता दिखाती है।
मानसी ने कहा कि इस फ़िल्म का क्लाइमेक्स तब आता है जब निशांत को पता चलता है कि नित्या कोई लड़की नहीं बल्कि उसके मन के द्वारा गढ़ी गई एक रचना थी, एक ऐसी रचना जो उसे अपने बीते खुशहाल दिनों के पास ले जाना चाहती थी।
मानसी जो आगे चल कर फ़िल्म निर्देशन एवं पटकथा लेखन के क्षेत्र में काम करना चाहती है, ने कहा कि नित्या समाज के हर उस व्यक्ति की कहानी है जो सपनों को पूरा करने के लिए, अपने निजी जीवन में बहुत कुछ पीछे छोड़ देते हैं, जो आगे बढ़ने की दौड़ में अपने जीवन के खुशनुमा लम्हों को जी नहीं पाते।
आज के युग में हर व्यक्ति निशांत है जिसे नित्या जैसी पात्र की नितांत आवश्यकता है, यह सोचने और समझने के लिए की वे अपनी ज़िंदगी से क्या चाहते हैं और वे उसके साथ क्या कर रहे हैं।
नित्या फिल्म को अपने दिल के बहुत करीब बताते हुए मानसी ने कहा फिल्म के हर संवाद एवं डायलाग मर्मस्पर्शी हैं जिसके अपने मायने हैं। उसने कहा क़ि आज फिल्म इंडस्ट्री में ऐसे अनेकों युवा डायरेक्टर हैं जो अपने फिल्मों के माध्यम से सोशल इश्यूज को उजागर करते हैं, मैं भी उन्हीं में से एक बनना चाहती हूँ और ऐसे विषयों पर फिल्म बनाना चाहती हूँ जो अभी तक अनछुआ है और जिससे दूसरों को प्रेरणा मिल सके ।
अपनी आने वाले प्रोजेक्ट के बारे में मानसी ने कहा कि वो फिलहाल एक राजस्थानी लोक संगीत पर काम कर रही है जो एक टिपिकल ग्रामीण राजस्थानी गावं की लड़की के प्रेम की कहानी पर आधारित है।
प्रेस्टीज इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च के डिपार्टमेंट ऑफ मास्स कम्युनिकेशन के विभागाध्यक्ष डॉ राजू जॉन ने कहा कि `नित्या’ फ़िल्म की टीम में कुल मिलाके 6 सदस्य थे जिन्होंने अपनी पूरी मेहनत एवं इस फ़िल्म को बनायी।
टीम में एक निर्देशक, एक सिनेमेटोग्राफर, 2 लीड कलाकार, और दो सपोर्टिंग कलाकार थे। हर मेंबर की एक अलग भूमिका थी और जो उन्होंने बखूभी निभाई। पूरी फ़िल्म की शूटिंग कुल 2 दिनों में संपन्न हुई।
जॉन ने कहा कि फिल्म को बनाने में यद्द्यपि टीम के सदस्यों को अनेकों कठिनाइयों का सामना करना पड़ा टीम ने हिम्मत नहीं हारी और आज इसी का परिणाम है कि इस फिल्म को अंतर्राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल के लिए चयनित किया गया है।


