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वंशानुगत बीमारी है सिकलसेल, बचाव के लिए जागरूकता जरूरी
विश्व सिकलसेल दिवस आज, पीड़ित में हीमोग्लोबिन असामान्य और लाल रक्त कोशिकाएं हो जाती हैं कठोर और चिपचिपी
इंदौर. अाज का दिन विश्व सिकल सेल दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसका उद्देश्य सिकल सेल रोगके बारे में जागरूकता बढ़ाना है। सिकल सेल रोग एक आनुवंशिक रक्त विकार है जो दुनिया भर में लाखों लोगों को प्रभावित करता है। यह रोग असामान्य रूप से आकार की लाल रक्त कोशिकाओं की विशेषता है, जो गंभीर दर्द, संक्रमण और अन्य जटिलताओं का कारण बन सकता है।
केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद् आयुष मंत्रालय के साइंटिफिक एडवाइज़री बोर्ड के सदस्य तथा देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के कार्य परिषद सदस्य प्रोफेसर डॉ. एके द्विवेदी के अनुसार इस रोग में रक्त की लाल कोशिकाएं अर्द्धचंद्राकार हो जाती है और शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित हो जाती है। इससे मरीज को थकान, तेज दर्द, रक्ताल्पता, हड्डियों की समस्याएं और अंग विकृति हो सकती है।
यह स्थिति कभी-कभी जानलेवा भी हो सकती है। इसलिए इस बीमारी को यदि समय रहते पहचाना जाए और सही जानकारी हो तो हम इसे अगली पीढ़ियों तक फैलने से रोक सकते हैं। यह केवल चिकित्सकीय प्रयास नहीं बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व भी है। हमारा प्रयास है कि हम इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम पूरे वर्ष भर आयोजित करते हुए ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचने की कोशिश करें।
यह है प्रमुख कारण-
डॉ. द्विवेदी के अनुसार सामान्य लाल रक्त कोशिकाएं गोल और लचीली होती हैं, जिससे वे रक्त वाहिकाओं के माध्यम से आसानी से घूम सकती हैं। सिकल सेल रोग से पीड़ित लोगों में, हीमोग्लोबिन असामान्य होता है और लाल रक्त कोशिकाएं कठोर और चिपचिपी हो जाती हैं, जिससे वे सिकल या दरांती के आकार की हो जाती हैं। ये सिकल कोशिकाएं रक्त वाहिकाओं में फंस सकती हैं और रक्त के प्रवाह को अवरुद्ध कर सकती हैं, जिससे दर्द, ऊतक क्षति, और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
सिकल सेल के लक्षण
दर्द: सिकल कोशिकाएं रक्त वाहिकाओं को अवरुद्ध कर सकती हैं, जिससे दर्द होता है, जिसे “सिकल सेल संकट” कहा जाता है।
एनीमिया:सिकल कोशिकाएं सामान्य कोशिकाओं की तुलना में जल्दी मर जाती हैं, जिससे एनीमिया (लाल रक्त कोशिकाओं की कमी) हो सकता है।
संक्रमण:सिकल कोशिकाएं तिल्ली को नुकसान पहुंचा सकती हैं, जो संक्रमण से लड़ने में मदद करती है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
स्ट्रोक:सिकल कोशिकाएं मस्तिष्क में रक्त के प्रवाह को अवरुद्ध कर सकती हैं, जिससे स्ट्रोक हो सकता है।
अन्य समस्याएं: सिकल सेल रोग से पीड़ित लोगों को फेफड़ों, आंखों, और गुर्दे से संबंधित समस्याएं भी हो सकती हैं।
बीमारी लाइलाज, कुशल प्रबंधन जरूरी-
विशेषज्ञों के अनुसार सिकल सेल रोग का कोई इलाज नहीं है, लेकिन उपचार लक्षणों को नियंत्रित करने और जटिलताओं को रोकने में मदद कर सकता है। उपचार में दर्द प्रबंधन, संक्रमण की रोकथाम, और रक्त आधान शामिल हो सकते हैं। सिकल सेल रोग एक गंभीर बीमारी है, लेकिन उचित देखभाल और प्रबंधन के साथ, सिकल सेल रोग से पीड़ित लोग एक सक्रिय और संतोषजनक जीवन जी सकते हैं।
डॉ द्विवेदी ने बताया कि सिकल सेल के मरीज़ों में होने वाले असहनीय दर्द, पीड़ा, कमजोरी तथा ए वी एन में होम्योपैथी चिकित्सा कारगर साबित हो रही है और उनकी एडवांस्ड होम्योपैथी चिकित्सा से कई सिकल सेल के मरीजों के इन लक्षणों को कम करने में सफलता मिल रही है


