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बच्ची ने पकड़वाया वहशी पिता को
पुलिस की पहल का का निकला सकारात्मक परिणाम।
इंदौर. पुलिस द्वारा महिला अपराधों की रोकथाम हेतु स्कूल, कॉलेज व बस्तियों में बच्चों के बीच पहुंचने का सकारात्मक परिणाम निकला है. इससे जागरूक होकर 10 वर्षीय बालिका ने पुलिस पर विश्वास किया और साहस का परिचय देकर अपने वहशी पिता को पकड़ाया. बालिका ने पुलिस द्वारा बांटे गये पर्चों में से नंबर लेकर पुलिस को संपर्क किया था.
जानकारी के अनुसार 27 अगस्त को थाना प्रभारी महिला थाना ज्योति शर्मा को एक बालिका का अज्ञात नंबर से फोन आया. वह बहुत ज्यादा रुआंसी हो रही थी और बोल रही थी आप यहां जल्दी आ जाओ मेरे पापा बहुत गंदी हरकत करते हैं. इस पर थाना प्रभारी महिला थाना ने बालिका से पूछा बेटा आप कहां रहते हो तो उसने बताया गांधीनगर तरफ. इस पर तुरंत महिला पीसीआर में प्रधान आरक्षक चालक सुंदरलाल और आरक्षक साधना शुक्ला को समझाइश देकर रवाना किया गया.
महिला पीसीआर से साधना शुक्ला ने गांधीनगर जाकर उस बालिका को उसी नंबर पर संपर्क कर तलाश किया और उसके घर पहुंची. यहां पर पड़ोसियों ने बताया कि उसका पिता उस बालिका को और उसके छोटे भाई को लेकर जा चुका है. पुनः बालिका से बात करने पर थोड़ी सी दूर पर होना उस बच्ची ने बताया और फिर से बोलने लगी कि आप जल्दी आ जाओ. इस पर तत्काल पुलिस टीम वहां पहुंची, तब तक बालिका की मां भी वहां आ गई थी. उसके बाद पूरी बात सुनकर समझ कर पीसीआर में ही उस बालिका को उसकी मां के साथ बिठाया और उसे महिला थाने पर लेकर आयें.
पिता को किया गिरफ्तार
महिला थाना प्रभारी ने थाने पर बालिका से तसल्ली देकर उसकी मां के समक्ष विस्तृत बातचीत की गई, तो बालिका के द्वारा जो बताया गया बहुत ही रोंगटे खड़े करने वाला था, उसका पिता पालनहार ही उसके ऊपर गलत नियत रखकर उसके साथ गलत व्यवहार करता था. इस पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसा उक्त 10 वर्षीय मासूम बालिका के वहशी पिता के विरूद्ध बच्ची को प्रताड़ित करने पर पॉक्सो एक्ट में प्रकरण पंजीबद्ध कर, तत्काल उसे गिरफ्तार किया गया है. वहीं बालिका ने पूछताछ में बताया कि पुलिस द्वारा बांटे गये पर्चों में से नंबर लेकर उसने पुलिस को संपर्क किया था. उक्त सराहनीय कार्यवाही में उक्त साहसी बालिका सहित महिला थाने की उप निरीक्षक रूपाली भदौरिया, प्रधान आरक्षक चालक सुंदरलाल, आरक्षक मनोज तथा आरक्षक साधना शुक्ला का महत्वपूर्ण योगदान रहा.


