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इस यंत्र के प्रयोग से मिलेगा शीघ्र फल
डॉ श्राद्ध सोनी
दीपावली विशेष :

पारद श्रीयंत्र से जो व्यक्ति त्रिपुरसुन्दरी को प्रसन्न करने के लिए प्रयत्न करता हैं. उसके एक हाथ में विभिन्न प्रकार के भोग होते हैं तथा दुसरे हाथ में मोक्ष होता हैं. कहने का मतलब यह हैं कि त्रिपुरसुन्दरी महालक्ष्मी जी की साधना करने वाला साधक अपने सम्पूर्ण जीवन में विभिन्न प्रकार के भोगों का सेवन करते हुए अंत में मोक्ष को प्राप्त कर लेता हैं.
इस प्रकार पारद श्रीयंत्र के द्वारा की जाने वाली मात्र एक ऐसी साधना हैं जिससे साधक को मोक्ष की तथा भोग की प्राप्ति एक साथ होती हैं. पारद से बने हुए श्रीयंत्र से साधक को शीघ्र फल की प्राप्ति होती हैं. इसलिए प्रत्येक साधक इस साधना को करने के लिए प्रयास करता रहता हैं.
जानिए श्रीयंत्र के लाभ और विशेषताएँ –
घर में श्रीयंत्र स्थापित करने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह हमेशा बना रहता हैं तथा इसे रखने से घर से नकारात्मक ऊर्जा दूर हो जाती हैं.
श्रीयंत्र अच्छी किस्मत, सदभाव, घर की शांति के लिए भी महतवपूर्ण होता हैं.
पारद श्रीयंत्र को स्थापित करने से घर के वास्तुदोषों से भी मुक्ति मिल जाती हैं.
पारद श्रीयंत्र को ब्रह्मा, विष्णु तथा महेश का स्वरूप माना जाता हैं तथा इसे घर में रखने से घर पर हमेशा इनकी कृपा बनी रहती हैं.
प्रतिदिन श्रीयंत्र पर ध्यान केन्द्रित करने से व्यक्ति की मानसिक शक्ति में विकास होता हैं.
उच्च यौगिक दशा में स्फटिक श्री यंत्र सहस्रार चक्र भेदन में सहायक होता हैं.
पारद श्री यंत्र की पूजा रोजाना कार्यस्थल पर करने से व्यवसाय में तथा व्यापार में लाभ होता हैं.
घर में श्री यंत्र को स्थापित कर प्रतिदिन पूजा करने से सम्पूर्ण दाम्पत्य सुख की प्राप्ति होती हैं.
पारद से बने हुए श्री यंत्र की पूजा अगर दीपावली की रात्रि को पूरे विधि – विधान से की जाये तो घर में पूरे वर्ष भर किसी वस्तु की कमी नहीं होती.
ज्योतिषाचार्य डॉ श्रद्धा सोनी


