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इंदौर में दिव्यांगों के शिक्षण-प्रशिक्षण के लिये शीघ्र प्रारंभ होगा सर्वसुविधायुक्त पुनर्वास केन्द्र
कलेक्टर मनीष सिंह ने दिव्यांगों के हितार्थ संचालित संस्थाओं का निरीक्षण किया
इंदौर. इंदौर में दिव्यांगों के शिक्षण, रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण तथा जरूरत के अनुसार कृत्रिम अंग तथा अन्य सुविधाएं देने के लिये शीघ्र ही सर्वसुविधायुक्त जिला स्तरीय पुनर्वास केन्द्र प्रारंभ होगा। यह केन्द्र परदेशीपुरा स्थित समाज कल्याण परिसर में लगभग ढ़ाई करोड़ रूपये की लागत से नवनिर्मित भवन में शुरू किया जा रहा है। इस केन्द्र में दिव्यांगजनों की पढ़ाई के साथ ही उनके रोजगार के लिये प्रशिक्षण देने की विशेष व्यवस्था रहेगी। साथ ही यहां पर कृत्रिम अंग भी बनाये जायेंगे। इस केन्द्र को शीघ्र प्रारंभ करने के संबंध में कलेक्टर श्री मनीष सिंह ने आज दिव्यांगों के हितार्थ संचालित संस्थाओं का निरीक्षण किया।
कलेक्टर श्री मनीष सिंह ने अपने निरीक्षण की शुरूआत एमआर-10 स्थित विकलांग कल्याण संघ से की। यहां उन्होंने इस संस्था द्वारा दिव्यांगजनों के शिक्षण और प्रशिक्षण के लिये संचालित की जा रही गतिविधियों की जानकारी ली। बताया गया कि यहां दिव्यांगजनों के लिये स्कूल का संचालन किया जा रहा है। साथ ही उनके रोजगार के लिये प्रशिक्षण भी दिया जाता है। इसके अलावा संस्था में दिव्यांगजनों के शिक्षण के लिये डीएड की पढ़ाई भी करायी जा रही है। वर्तमान में कोरोना प्रोटोकॉल के तहत उक्त गतिविधियां बंद है। कलेक्टर श्री मनीष सिंह ने निर्देश दिये कि कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुये शीघ्र ही डीएड की पढ़ाई और प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया जाये। उन्होंने इस संस्था द्वारा किये जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने इसी संस्था के परिसर में स्थित जिला पुनर्वास केन्द्र का निरीक्षण भी किया।
इस जिला स्तरीय पुनर्वास केन्द्र के निरीक्षण के दौरान पाया गया कि इसमें वर्तमान में मात्र तीन कर्मचारी ही काम कर रहे हैं। संस्था में प्रशिक्षण कार्यक्रम भी बंद है। प्रशिक्षण देने के लिये नियुक्त ट्रेनर्स के 12 पद रिक्त हैं। कलेक्टर श्री मनीष सिंह ने अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह रिक्त पद शीघ्र भरे जायें। अगर 15 दिन में उक्त 12 पदों की पूर्ति नहीं होती है तो शेष तीनों कर्मचारियों के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी। रिक्त पदों की पूर्ति कर जिला पुनर्वास केन्द्र में गतिविधियाँ भी 15 दिन में प्रारंभ कर दी जाये।
कलेक्टर श्री मनीष सिंह इसके पश्चात समाज कल्याण परिसर परदेशीपुरा पहुंचे। यहाँ उन्होंने जिला पुनर्वास केन्द्र के लिये लगभग ढाई करोड़ रूपये की लागत से बन रहे भवन का निरीक्षण किया। इस अवसर पर बताया गया कि यह भवन लगभग बनकर तैयार हो गया है। कलेक्टर श्री मनीष सिंह ने निर्देश दिए कि शेष काम शीघ्र पूरा कर 15 से 20 दिन में पुनर्वास केन्द्र इसी भवन में संचालित किया जाये। उन्होंने कहा कि इस केन्द्र में रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण के लिये सिलाई मशीन, कम्प्यूटर आदि की व्यवस्था की जाये। साथ ही ऐसे प्रशिक्षण पाठ्यक्रम तैयार करें, जिससे दिव्यांगजनों को तुरंत रोजगार मिल सके। इस अवसर पर संयुक्त संचालक सामाजिक न्याय श्रीमती सुचिता तिर्की बेक सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।


