- Karisma Kapoor Recalls Salman Khan’s Effortless Charm and 90s Swag Through Contestant Prathamesh’s Performance on India’s Best Dancer Season 5
- Shakti Pumps (India) Limited Collaborates with Salesforce to Accelerate AI-Led Digital Transformation for India's Agricultural Sector
- शक्ति पंप्स की सेल्सफोर्स के साथ पार्टनरशिप,एआई के ज़रिए कृषि क्षेत्र में डिजिटल बदलाव को मिलेगी रफ्तार
- लॉक अप सीजन 2 ने Ormax StreamView Top 10 में 3.2 मिलियन व्यूज़ के साथ बनाई जगह, दर्शकों का प्यार जीतना जारी
- Lock Upp Season 2 garners 3.2M views in Ormax StreamView Top 10, Continues Winning Hearts
वैज्ञानिकों ने जाने सायबर के सुरक्षित उपयोग के गुर.
इंदौर. अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक वरूण कपूर द्वारा ब्लैक रिबन इनिशिएटिव के तहत संचालित समाधान अभियान की 275 वीं कार्यशाला का आयोजन राजा रामन्ना प्रगत प्रौधोगिकी केन्द्र (आर.आर.केट) में संपन्न किया गया. इस कार्यषाला में उक्त केन्द्र के 175 वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने भाग लिया.
इस सत्र में श्री कपूर ने सायबर स्पेस में हो रहे अपराधों की जानकारी देते हुए उनके सुरक्षित उपयोग के बारे में बताया. बैंकिंग फ्राड, एटीएम फ्राड व अन्य प्रलोभन देकर जो आधुनिक अपराध घटित हो रहे है, उनसे बचने के उपाय भी बताये गये. इसके अतिरिक्त सोशल नेटवर्किंग का सुरक्षित उपयोग व पासवर्ड सुरक्षित रखने, स्पूफ्ड मेल, डाटा फुटप्रिंट, फिषिंग अटेक, डाटा थेप्ट, सायबर स्टॉकिंग, जियो टेगिंग इत्यादि के बारे में जानकारी के साथ-साथ सायबर जगत में हो रहे अपराधों के बारे में जानकारी दी गई एवं उनसे बचने के उपाय के बारे में सदस्यों को अवगत कराया गया साथ ही इन्फोर्मेषन टेक्नालॉजी एक्ट की विभिन्न धाराओं के सम्बंध में भी जानकारी दी. इस काल्पनिक दुनिया में सायबर के शिकार होने से कैसे बचा जाए और इस विद्या का उपयोग कर अनजाने में न तो हमसे अपराध हो और न ही पीडि़त हो सकें, इसकी भी विस्तृत जानकारी दी गई. संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिकों द्वारा पूछे गये प्रष्नों के उत्तर भी श्री कपूर द्वारा दिये गये एवं समाधान किया गया.
प्रयास की प्रशंसा
उपस्थित वैज्ञानिकों ने कार्यशाला को अत्यंत ही लाभकारी एवं उपयोगी बताया. श्री कपूर के इस प्रयास की प्रशंसा की. इस अवसर पर संस्थान की ओर से श्री कपूर को प्रशंसा पत्र आर.आर.केट के निदेशक डॉ. प्रसाद नाईक ने प्रदान किया. आभार प्रदर्शन पुरूषोत्तम श्रीवास्तव ने किया. इस अवसर पर केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक, अधिकारी उपस्थित रहे.


