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वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने साझा किये अपने अनुभव
इंदौर. आज इंदौर जिले में सिविल सेवा दिवस मनाया गया. इस अवसर पर कलेक्टर कार्यालय में कलेक्टर निशांत वरवड़े की अध्यक्षता में कार्यशाला आयोजित की गई. इस कार्यशाला में कलेक्टर श्री वरवड़े, अपर कलेक्टर कैलाश वानखेड़े तथा अपर कलेक्टर अजयदेव शर्मा ने अन्य अधिकारी व कर्मचारियों से अपने अनुभव साझा किये। इन्होंने कर्मचारियों एवं अधिकारियों को कम समय में कुशलता के साथ बेहतर कार्य करने के तौर तरीके बताये.
कलेक्टर श्री वरवड़े ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि अधिकारी-कर्मचारियों के साथ निरंतर संवाद रखा जायेगा। उन्हें कार्य करने के लिए अनुकूल वातावरण एवं सुविधाएं उपलब्ध कराये जायेगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कम समय में बेहतर कार्य करना एक बड़ी चुनौती है। कार्य बहुत बढ़ गये है। ऐसे समय में तनाव रहित होकर अतिरिक्त समय तक हमें कार्य करना होता है। तनाव रहित होकर कुशलता से स्व-स्फुर्त होकर कार्य करने के लिए जरूरी है कि अधिकारी कर्मचारी खेलों से जुड़े एवं स्वस्थ रहे तथा आनंदम की गतिविधियों से जुड़े. उन्होंने अधिकारी-कर्मचारियों से अपेक्षा व्यक्त की कि वे नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण सिविल सेवा उपलब्ध कराये। नागरिकों की समस्या को इत्मिनान से सुने और उनका गंभीरतापूर्वक निराकरण करें.
नवाचार भी करते रहें
अपर कलेक्टर कैलाश वानखेड़े ने कहा कि नर सेवा ही नारायण सेवा है। समाज के अंतिम व्यक्ति की समस्या का प्राथमिकता से निराकरण करना चाहिये। समाज के दीन-दुखियों की समस्याओं को हल करने से आत्मिक सुख की प्राप्ति होती है। अपने सेवाकाल में नवाचार भी करते रहना चाहिये.
समस्या हल करते का रास्ता निकालना चाहिए
कार्यशाला को संबोधित करते हुए अपर कलेक्टर अजयदेव शर्मा ने अपने अनुभव बताते हुए कहा कि मैंने ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र दोनों में काम किया है. दोनों क्षेत्रों में कार्य की प्रकृति अलग रहती है, लेकिन उद्देश्य जनसमस्याओं के निराकरण एवं विकास का ही होता है. सिविल सेवा से आमजन की अपेक्षा अधिक रहती है। हमें जनसमस्याओं को हल करने का रास्ता निकालना चाहिये. नियम में रहते हुए अधिक से अधिक समस्याओं का निराकरण किस तरह किया जाये यहीं प्रशासनिक दक्षता है।
संचालन करते हुए डिप्टी कलेक्टर सुश्री श्रीलेखा श्रोतिय ने सिविल सेवा दिवस आयोजन के उद्देश्यों की जानकारी दी. कार्यक्रम में अधिकारी-कर्मचारियों को शपथ दिलायी गयी.


