दुनिया में प्रवासी बनकर साधना, तप और अराधना करें: मनीषप्रभ सागर

दुनिया में प्रवासी बनकर साधना, तप और अराधना करें: मनीषप्रभ सागर

इन्दौर. इस दुनिया में व्यक्ति आवासीय है. हम यहां के प्रवासी है और निवासी बनकर रहना चाहते है. जैसे हम ट्रेन से एक से दूसरे शहर जाते है तो हमें कई स्टेशन पर गाड़ी रुकती है, लेकिन हमें जिस पड़ाव पर जाना है हम वहीं उतरते हैं. उसी तरह मनुष्य को प्रवासी बनकर जीना चाहिए. मनुष्य को यहां से जाना ही है, तो उसे धर्म लेकर जाना चाहिए, इसके लिए आराधना, तप-साधना करना चाहिए. उक्त…

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धर्म, नीति के मार्ग पर नहीं चलने से समाज की दुर्दशा: स्वामी जगदीश पुरी

धर्म, नीति के मार्ग पर नहीं चलने से समाज की दुर्दशा: स्वामी जगदीश पुरी

इंदौर. विद्वता के साथ विनम्रता भी आवष्यक है. अहंकार युक्त ज्ञान और ज्ञानी, दोनों किसी काम के नहीं होते. संसार का कोई रिश्ता हमें तैरा नहीं सकता और परमात्मा के साथ कोई भी संबंध हमें डुबो नहीं सकता. समाज में अन्याय, अनीति और दुराचार बढऩे का कारण यही है कि हम धर्म और नीति के मार्ग पर नहीं चल रहे या अपनी स्वच्छंदता से धर्मग्रंथों के संदेशों का दुरूपयोग कर रहे हैं. शक्करगढ़, भीलवाड़ा स्थित…

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शिवपुराण पापमुक्ति की कथा, विवेक को जागृत बनाएगी: पं. दुबे 

शिवपुराण पापमुक्ति की कथा, विवेक को जागृत बनाएगी: पं. दुबे 

इंदौर. थोड़ी सी सफलता मिलते ही हमें अहंकार घेर लेता है. चिंतन करें कि भगवान भी कर्ता हैं, वे सृष्टि का पालन-पोषण और निर्धारण करने जैसे महत्वपूर्ण काम करते हैं, उन्हें तो कभी अहंकार नहीं होता, लेकिन हम छोटी सी उपलब्धि के श्रेय का सेहरा अपने माथे पर बांधने में देर नहीं करते. यह अहंकार ही हमारे पतन का मुख्य कारण बन जाता है. शिव पुराण पाप से निवृत्त होने की कथा है। जिस दिन…

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जो अमृत पीता है वो देव, जो विष पीता है वो महादेव कहलाता है

जो अमृत पीता है वो देव, जो विष पीता है वो महादेव कहलाता है

इंदौर। जीवन में जिसने भगवान शिव को साध लिया, उस पर सभी-देवी-देवताओं की कृपा और-आशीर्वाद बरसता है। जब-जब भी धरा या देवलोक में कोई भी संकट आया, भूत भावन शंकर भगवान ही तारणहार बने और सबका उद्धार किया। इसलिए भगवान शिव को देवों का देव कहा जाता है। भगवान के जो भी अवतार हुए है, सभी में सर्वकल्याण का भाव है, इसीलिए शिव आराधना से जीवन को सार्थक बनाया जा सकता है। यह बात कथा…

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भटकते हुए को सही दिशा देने की कथा शिव पुराण

भटकते हुए को सही दिशा देने की कथा शिव पुराण

इंदौर. संसार का दूसरा नाम दुखालय है। हम सब जीवनभर अंतिम क्षणों तक यही प्रयास करते हैं कि जीवन में कभी दुख आए ही नहीं. चींटी से लेकर देवता तक यही कामना रखते हैं। यह जीव का स्वभाव भी है और गुण भी. शिव पुराण की कथा हम सबके कल्याण और चौराहे पर भटकते व्यक्ति को सही मार्गदर्शन देने की कथा है। शिव और शंकर कल्याण और शंाति के ही पर्याय हैं। शिव से ई…

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बाणेश्वरी कावड़ यात्रा के नगर भ्रमण में उमड़ा सैलाब, गूंजता रहा बोल बम का उद्घोष 

बाणेश्वरी कावड़ यात्रा के नगर भ्रमण में उमड़ा सैलाब, गूंजता रहा बोल बम का उद्घोष 

इन्दौर। श्रद्धा और आस्था से लबरेज बाणेश्वरी कावड़ यात्रा ने आज सुबह से दोपहर तक शहर के मध्य एवं पश्चिम क्षेत्र को शिवमय बनाए रखा। सात हजार से अधिक कावडियों का जोश देखते ही बनता था। यात्रा के साथ चल रही आधा दर्जन झांकियां  तो आकर्षण का केंद्र थी ही, डिजिटल शिव रथ भी हजारों भक्तों ने निहारा। यात्रा की अगवानी में शामिल युवा भी बैंड-बाजों से निकल रही सुर एवं स्वर लहरियों पर नाचते-थिरकते…

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एक जैन मतदाता 3 अन्य को भी प्रेरित करेगा मतदान के लिए: साध्वी मयणाश्रीजी

एक जैन मतदाता 3 अन्य को भी प्रेरित करेगा मतदान के लिए: साध्वी मयणाश्रीजी

इंदौर। हैप्पी वूमन-हैप्पी वर्ल्ड और जैन इंटरनेशनल वूमन आर्गनाइजेशन ‘जिवो’ की संस्थापक ओजस्वी साध्वी श्री मयणाश्रीजी म.सा. चाहती हैं कि इंदौर मंे जैन समाज के सभी घटकों के लिए एक ऐसा संकुल बनाया जाए, जहां धर्म, संस्कृति, रोजगार, जप-तप और सत्संग सहित विभिन्न सार्वजनिक कार्यक्रम हो सके। इसके लिए उपयुक्त भूमि का चयन अंतिम चरण में है। वे यह भी संकल्प किए हुए हैं कि इंदौर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का एक ऐसा स्कूल स्थापित हो,…

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भागवत कालजयी ग्रंथ, जिसमें सभी संशयों की चाबी: स्वामी जगदीशपुरी

भागवत कालजयी ग्रंथ, जिसमें सभी संशयों की चाबी: स्वामी जगदीशपुरी

इंदौर. संस्कारों के अभाव में ही मनुष्य पषुतुल्य माना जाता है। भारतीय समाज की यही विषेषता है कि यहां धर्म-संस्कृति की अखंड धारा कभी सूखती नहीं। हमारी संस्कृति पर अनेक हमले हुए, आज भी हो रहे हैं लेकिन भारतीय समाज मुख्य धारा से न कटा, न हटा. यही कारण है कि हमारे तीर्थस्थलों पर आने वाले विदेषी भी यहीं के होकर रह जाते हैंं। भागवत ऐसा कालजयी ग्रंथ है, जिसमें जीवन के सभी संशयों के…

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शिवशक्ति महारूदाभिषेक जारी

शिवशक्ति महारूदाभिषेक जारी

इंदौर. संजय शुक्ला मित्र मंडल द्वारा आयोजित शिवभक्त महारूद्राभिषेक के तहत गुरूकृपा वाटिका में चल रहे महारूद्राभिषेक में गुरूवार को 1600 दंपतियों ने भगवान शिव का पंच द्रव्यों से ओम नंम: शिवाय के बीज मंत्र के साथ अभिषेक किया और भगवान शिव से सुख समृद्धि का आर्शीर्वाद मांगा. पवित्र श्रावण महा में संपूर्ण क्षेत्र शिव भक्ति में लीन हो गया है प्रतिदिन अभिषेक स्थल पर 12 ज्योर्तिलिंगों के दर्शन एवं पूजन हेतु इतनी संख्या में…

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हमें कल में नहीं आज में जीना चाहिए: जिनमणिप्रभ 

हमें कल में नहीं आज में जीना चाहिए: जिनमणिप्रभ 

इन्दौर. किसी भी समाज की शक्ति समाजजनों में साधार्मिक बंधुत्व की भावना से ही दिखाई देती है. समाज का अर्थ ही होता है सम-आज. सम यानी बराबर. जिसका आज एक जैसा हो उसे समाज कहते है. हमारे हाथ की अगुलियां आकृति में भले ही भिन्न हो लेकिन किसी कार्य की परिणीति में उनकी भूमिका एक साथ होती है. समाज मे  हर अवस्था मे लोग रहते है लेकिन हमें कल मे नहीं आज में जीना चाहिए,…

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