- अब बिना ऑपरेशन भी हटेगी ब्रेस्ट की गांठ, इंदौर में शुरू हुई नई तकनीक
- जियो स्टूडियोज़ और सिख्या एंटरटेनमेंट की फिल्म 'डोरोथी' का टाइटल आउट, TIFF प्रीमियर से पहले बड़ा सरप्राइज
- सन नियो लेकर आ रहा है 'राजनंदिनी' : बदला, प्यार और रहस्यों से भरी एक नई कहानी
- Sun Neo Announces Raajnanndini: A Powerful Story of Revenge and Love
- दिल धोखा और डिज़ायर से लेकर लॉक अप सीज़न 2 तक… आकांक्षा चमोला का धमाकेदार सफर
खाने के बर्तनों का साइज छोटा करके भी हो सकता है डाइट कंट्रोल
इंदौर । हार्ट ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए जर्सी गाय का दूध नुकसानदायक हो सकता है । ऐसे मरीजों को केवल देसी गाय का दूध लेना चाहिए । डाइट कंट्रोल करने के लिए सबसे अच्छा तरीका यह है कि घर के खाने के बर्तनों का साइज ही छोटा कर दिया जाए ।
उपरोक्त विचार डाइटिशियन सुश्री स्नेहा परांजपे ने माधवबाग संस्थान द्वारा हेल्दी हार्ट हेल्दी इंडिया अभियान के तहत आयोजित संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए व्यक्त किए । होटल सूर्या में आयोजित इस कार्यक्रम का मकसद लोगों को हेल्दी फूड की जानकारी देना थी ताकि एक स्वस्थ जीवन जी सके । कार्यक्रम के दौरान 200 से ज्यादा लोगों ने शिरकत की ।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सुश्री परांजपे ने बताया कि सामान्यता हम हेल्दी डाइट को अच्छा समझते हैं लेकिन कई बीमारियों में यह हमारे लिए घातक सिद्ध हो सकती है । हार्ट , शुगर और ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए जर्सी गाय का दूध नुकसानदायक हो सकता है ऐसे लोग देसी गाय का ए टु केटेगरी का दूध ले सकते हैं।
वहीं छांछ के नाम पर दही को पानीला कर पीने से भी नुकसान हो सकता है। दही से मक्खन निकालने के बाद जो पानी बचता है वही छाछ है जो कि लाभदायक है । इसी तरह टोस्ट , खारी और बिस्किट भी ऐसे लोगों के लिए स्वास्थ्यवर्धक नहीं है जिन्हें हार्ट , ब्लड शुगर या ब्लड़ प्रेशर की बीमारी है ।
खाने में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा को सीमित कर फल एवं सब्जियों की मात्रा को बढ़ाकर हम इन बीमारियों से बच सकते हैं। इन बीमारियों से बचने के लिए डाइट कंट्रोल भी जरूरी है इसके लिए घर के बर्तनों का साइज छोटा करके भी हम डाइट कंट्रोल कर सकते हैं बड़ी थाली या बड़ी कटोरी में खाना खाने से सामान्य से ज्यादा खाने में आता है। इसलिए बर्तनों का साइज छोटा कर हम अपने डाइट पर आसानी से कंट्रोल कर सकते हैं।
माधवबाग के मध्य प्रदेश के प्रमुख डॉ प्रमोद चव्हाण ने बताया कि इस कार्यक्रम में आए लोगों ने अपनी बीमारियों अपनी भोजन की आदतों और युवा के बारे में भी एक्सपर्ट से जानकारी ली । माधवबाग द्वारा इस तरह के सेमिनार प्रदेश भर में आयोजित किए जा रहे हैं ताकि लोगों को स्वस्थ जीवन के लिए प्राकृतिक रास्ते बताया जा सके ।


