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सुबह उठकर बिस्तर से नीचे पैर रखने से पहले के नियम
डॉ श्रद्धा सोनी, वैदिक ज्योतिषाचार्य, रत्न विशेषज्ञ

सुबह की शुरूवात जैसी होती है बाकि दिन भी उसी अनुसार बीतता है ऐसे में जरूरी है कि सुबह को बेहतर बनाया जाया .. शास्त्रों में सुबह के समय उठते ही कुछ विशेष कार्य करने की सलाह ही दी गई है।
मान्यता है कि अगर सुबह उठकर जमीन पर पैर रखने से पहले आप ये कार्य कर लें तो आपका पूरा दिन बन जाएगा और हर काम-काज में सफलता मिलेगी ।आज हम आपको इसी के बारे में बताने जा रहे हैं ताकि आप भी उसका अनुसरण कर जीवन में सफलता और सुख-समृद्धी पा सकें।
प्राचीन शास्त्र भले ही आज से कई वर्षों पहले लिखे गए हों पर उनमें कही गई बातें आज भी हमारे लिए उतनी ही उपयोगी हैं.. जो कि हमे आदर्श जीवन जीन की सीख देते हैं और व्यक्ति को हर कार्य करने की उचित विधि बतलाते हैं।
ऐसे में अगर हम शास्त्रों में बताए उन नियमों और आदर्शों का पालन करें तो हमारा जीवन बेहतर और सफल हो सकता है। विशेषकर अगर हम अपने दिन की शुरूवात शास्त्रों के नियमानुसार करें तो हम हमेशा सुखी रह सकते हैं। तो चलिए जानते हैं सुबह के लिए शास्त्रों में क्या नियम और आदर्श बताए गए हैं।
दरअसल शास्त्रों के अनुसार सुबह उठकर बिस्तर से जमीन पर अपने पैर रखने से पहले व्यक्ति को धरती को प्रणाम करने की बात कही गई । क्योकि शास्त्रों में भूमि को भी देवी मां माना गया है और ऐसे में जब हम धरती पर पैर रखते हैं तो उससे हमें दोष लगता है।
इसलिए हमें इस दोष को दूर करने के लिए धरती को प्रणाम कर उनसे क्षमा मांगनी चाहिए और जब हम इस तरह धरती का सम्मान करते हैं तो धरती मां की कृपा हमारे घर-परिवार पर बरसती है और हमारे जीवन की मुसीबतें कम होती हैं।
आपको बता दें इस शास्त्रीय मान्यता के पीछे कुछ वैज्ञानिक तथ्य भी हैं.. जैसे कि उठते ही जमीन में पैर रखने से सेहत पर बुरा असर पड़ता है.. इसलिए जागने के साथ ही सीधे अपने पैर जमीन में नहीं रखना चाहिए.. इसकी वजह ये है कि जब हम सुबह के समय उठते हैं तो हमारे शरीर का तापमान और कमरे के तापमान में बहुत अंतर होता है।
ऐसे में अगर हम उठते ही अपने गर्म पैर ठंडी जमीन पर रख देंगे तो इससे सेहत को नुकसान हो सकता है और सर्दी-जुकाम जैसी समस्या हो सकती है। इसीलिए सुबह उठने के बाद तुरंत बिस्तर से उतरने की बजाए कुछ देर बर बिस्तर पर ही बैठने की सलाह दी जाती है जिससे कि आपके शरीर का तापमान सामान्य हो सके और फिर जमीन पर पैर रखें।
इसके साथ ही शास्त्रों में पूरे दिन को बेहतर बनाने के लिए सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठने की सलाह दी गई। ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से ठीक पहले का समय होता है और अगर आपके लिए ये संभव ना हो तो अधिक से अधिक 6 से 7 बजे तक जरूर उठ जाना चाहिए। ऐसा करने से धर्म लाभ के साथ ही स्वास्थ्य लाभ मिलता है।
धर्म लाभ की बात करें तो देवी-देवता इस काल में विचरण कर रहे होते हैं और इस समय सत्व गुणों की प्रधानता रहती है.. इसीलिए प्रमुख मंदिरों के द्वार भी ब्रह्म मुहूर्त में खोल जाते हैं और भगवान का श्रृंगार व पूजन भी ब्रह्म मुहूर्त में किए जाते है। इसलिए अगर आप इस उठकर स्नान ध्यान कर लेत हैं तो आप इस समय दिव्य वातावरण का लाभ उठा पाते हैं।
वहीं अगर स्वास्थ्य लाभ की बात करें तो ब्रह्म मुहूर्त में उठने से सौंदर्य, बल, विद्या और स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है। विज्ञान भी कहता है कि ब्रह्म मुहुर्त में वायुमंडल प्रदूषणरहित होता है और इसी वक्त वायुमंडल में ऑक्सीजन की मात्रा सबसे अधिक होती है, जो कि फेफड़ों की शुद्धि के लिए महत्वपूर्ण होती है।
साथ ही ऐसी शुद्ध वायु से मन, मस्तिष्क भी स्वस्थ रहता है। इसीलिए शास्त्रों में ब्रह्म मुहूर्त में बहने वाली वायु को अमृततुल्य माना गया है और कहा गया है कि ब्रह्म मुहूर्त में उठकर टहलने से शरीर में संजीवनी शक्ति का संचार होता है।


